मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट को मिली स्वीकृति
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और सीएमएस ने डीएम से एक एकड़ भूमि की तलाश करने की बात कही
यूनिट शुरू होने से गंभीर मरीजों के इलाज में होगी सहूलियत, सुविधा न होने से रेफर कर दिए जाते हैं मरीज
डीएम ने एसडीएम और नायब तहसील को भूमि चिह्नित करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज की अब तक सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इसे देखते हुए शासन ने क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने के लिए स्वीकृति दे दी। इसके लिए एक एकड़ भूमि की तलाश की कवायद शुरू हो गई है। भूमि उपलब्ध होने के बाद निर्माण के लिए योजना तैयार कर भेजी जाएगी। इसके बन जाने से मरीजों के इलाज में काफी सहूलियत होगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के शुरू हुए 19 माह हो गए लेकिन गंभीर मरीजों के इलाज का समुचित इंतजाम नहीं है। इसकी वजह से हर माह पांच सौ से अधिक मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब एक एकड़ भूमि की जरूरत है।
प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल व सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर के पास सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की बात रखी है। डीएम ने एसडीएम सदर व नायब तहसीलदार को भूमि के लिए कहा है। भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है।
यूनिट में आईसीयू, एचडीयू, सामान्य वार्ड, आइसोलेशन वार्ड होगा। मेडिकल कॉलेज में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों सहित बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों के प्रतिदिन तकरीबन पचीस सौ नए लोग इलाज के लिए पर्ची लेते हैं। वहीं, वार्ड तथा इमरजेंसी में आने वाले का इलाज होता है। यहां गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सुविधा नहीं है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यूनिट स्थापित होने से इन मरीजों को मिलेगी सुविधा
मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। गंभीर मरीजों को संसाधन के अभाव में रेफर नहीं किया जाएगा। इसमें सांस, हृदय, न्यूरो, किडनी, लीबर, सर्जरी, दुर्घटना व प्रसव के गंभीर मरीजों का उपचार हो सकेगा। यूनिट में अत्याधुनिक उपकरण होंगे। इसमें वेंटिलेटर, इंफ्यूजन पंप, सीपैप, बाईपैप, एचएफएएनसी, मॉनीटर, डिफिब्रिलेटर व अन्य उपकरण के अलावा दक्ष स्टाफ की तैनाती रहेगी।
कोट
क्रिटिकल केयर यूनिट के प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिल गई है। मेडिकल कॉलेज से सटे एक एकड़ भूमि के लिए प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाले ने जिलाधिकारी से बात की गई है। जमीन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा।
-डॉ. एचके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक