खुखुंदू। बढ़ती गलन और ठंड से तिलहन और दलहन की फसलों पर असर पड़ सकता है। अगर मौसम इसी तरह खराब रहा तो अगेती फसलों के पैदावार पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा प्याज के बीज, लहसुन और आलू की फसलों के लिए भी गलन काफी नुकसानदायक साबित हो रहा है।
करीब डेढ़ दशक बाद पहली बार दिसंबर में ही इतनी अधिक ठंड पड़ रही है। पिछले कुछ वर्षों से लगातार 15 जनवरी के बाद ज्यादा ठंड और गलन की शुरुआत हो रही थी। इसके चलते तिलहन, दलहन और सब्जियों की फसलें प्रभावित नहीं हो रही थीं। मगर इस बार अचानक ठंडक ने शुरुआती दौर में ही असर दिखाया है। नतीजा अगेती तिहलन, दलहन और सब्जियों की फसलों को प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विभाग के जानकारों का कहना है कि इस समय जिन भी पौधों में फूल आ रहे हैं, उसकी उपज प्रभावित हो जाएगी। इसके अलावा प्याज के बीज इतनी ठंड में गल जाते हैं।
आलू की फसल पर भी पाला का असर पड़ता है। तेनुआ गांव निवासी रामभरोसा कुशवाहा, सरयां निवासी रामबली कुशवाहा, बसडीला निवासी झब्बूलाल कुशवाहा का कहना है कि ठंड और गलन से प्याज का बीज गलने लगा है। बचाव के लिए दवा छिड़काव कराया जा रहा है। संवाद