देवरिया। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम मंत्री कलराज मिश्र ने गोरखपुर के एसएसपी अनंत देव के निलंबन और मथुरा में आईपीएस और एसओ की हत्या के बहाने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। मथुरा में एसपी और एसओ मारे गए। अपराधियों के कहने पर गोरखपुर के आईपीएस अफसर को निलंबित कर दिया गया। लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रदेश में अपराधी ही शासन चला रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारवार्ता में कहा कि मथुरा, गोरखपुर की घटना हो या कैराना, कांधला की घटना हो। पूरब, पश्चिम और ब्रज की तीनों घटनाएं ध्वस्त कानून व्यवस्था को दर्शाने में सक्षम हैं। शासन में बैठे लोग दूसरे दल पर आरोप लगा रहे हैं। ये लोग आत्म निरीक्षण कर कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की बजाय अपनी अक्षमताओं को छिपाने के लिए आरोप लगा रहे हैं। कैराना, कांधला और शामली में लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके मन में शासन के प्रति अविश्वास का भाव पैदा हुआ है। वहां के लोग ऐसे माहौल में कैसे रह पाएंगे। शासन और गैर राजनीतिक संगठनों की रिपोर्ट में लोगों के पलायन की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप है। केंद्र सरकार प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देना चाहती है लेकिन यहां कोई रेस्पांस नहीं मिल रहा है। प्रदेश में जमीन नहीं मिल रही है। मुख्य सचिव से इस संबंध में कहा भी था लेकिन आजतक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जनता का अनुभव है कि सपा और बसपा प्रदेश को सही ढंग से नहीं चला सकतीं। इसलिए वह भाजपा को नेतृत्व प्रदान करेगी। विधानसभा 2017 का चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ने के सवाल पर कहा कि संसदीय कमेटी इसकी रणनीति तय करती है। इसके तहत ही जिम्मेदारी दी जाती है। इस संबंध में उनका कुछ कहना ठीक नहीं है। नीलगायों की हत्या करने की नीति पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्हें कहीं ले जाकर संरक्षित करना चाहिए।