सेना में भर्ती के लिए वाराणसी जाते युवक शनिवार दिन में लिच्छवी एक्सप्रेस के मुसाफिरों के लिए मुसीबत बने तो वाराणसी से वापसी करने वालों ने रात से देर रात तक की कई ट्रेनों में जमकर उत्पात किया।
सीटों पर कब्जे से आरक्षित बर्थ वाले मुसाफिर हलकान रहे तो बार-बार की चेन पुलिंग से कई ट्रेनें लेट हुईं। रोकने की कोशिश पर आरपीएफ के जवानों पर पत्थर बरसाए।
इसके चलते कुछ स्टेशनों पर आरपीएफ, जीआरपी के अलावा स्थानीय थानों की पुलिस भी लगाई गई।
सेना की भर्ती से लौटते युवकों की मनमानी का सर्वाधिक शिकार मुंबई-गोरखपुर दादर एक्सप्रेस हुई।
स्लीपर बोगियों में सीट पर जबरन कब्जा करने से सोने की तैयारी करते यात्रियों में खलबली मच गई। विरोध करते यात्रियों को बदसलूकी का सामना करना पड़ा।
दादर एक्सप्रेस के एसी बोगी में भी कुछ युवक घुस गए। बचाव में आरपीएफ और जीआरपी के जवान आए लेकिन उत्पातियों को पूरी तरह काबू नहीं कर सके।
तकरीबन ऐसी ही स्थितियों का सामना किया दुर्ग एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, कृषक एक्सप्रेस और भटनी-वाराणसी के बीच चलने वाली डेमू के मुसाफिरों ने।
इन ट्रेनों को भर्ती से लौटते नौजवानों ने कई जगह चेन पुलिंग की। इसके चलते बेल्थरा रोड पर कृषक एक्सप्रेस, लार रोड पर दुर्ग एक्सप्रेस और सलेमपुर में दादर एक्सप्रेस को रोकना पड़ा।
पिछले स्टेशनों से मिली सूचना के आधार पर लार रोड, सलेमपुर, भटनी स्टेशनों पर स्थानीय पुलिस को भी मुस्तैद किया गया। सलेमपुर में दादर एक्सप्रेस से उतरते युवकों ने महिलाओं के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
आरपीएफ और पुलिस ने सख्ती की तो के जवानों पर पत्थर बरसाने लगे और मौका मिलते ही भाग गए।