चुनावी रंजिश को लेकर बरारी गांव में फिर दो पक्ष भिड़ गए। मारपीट के बाद फायरिंग भी हुई। आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़ित ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी।
हालांकि पुलिस फायरिंग से इंकार कर रही है। चर्चा है कि एक प्रभावशाली व्यक्ति के प्रभाव से पुलिस ने कदम पीछे खींच लिया।
पंचायत चुनाव की रंजिश को लेकर दस दिन पहले बरारी द्वितीय गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। दोनों तरफ से कई लोग घायल हुए थे।
अमित यादव की तहरीर पर रामपुर कारखाना पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा का मुकदमा दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद से दूसरे पक्ष के लोग नाराज थे।
रविवार की सुबह दोनों पक्ष फिर से आमने सामने हो गए। अनिल यादव का आरोप है कि विरोध करने पर लोग मारपीट करने लगे। इसी बीच कुछ लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी।
गोली की आवाज सुन गांव के लोग मौके पर पहुंचे। भीड़ देख आरोपी मौके से फरार हो गया। अनिल ने घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को दी।
सूचना मिलने के बाद रामपुर कारखाना थाने में तैनात उप निरीक्षक सुफियान खान मौके पर पहुंचे। गांव में कई लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी के घर पहुंची।
आरोप है कि एक जनप्रतिनिधि के पुत्र के दबाव में पुलिस बैकफुट पर आ गई। एसओ देवेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से फायरिंग की सूचना मिली थी। दरोगा मौके पर गए, जांच में फायरिंग की बात गलत निकली है।