जमीन के विवाद में पटटीदार की हत्या के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने दो भाइयों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।खामपार के खैराट गांव निवासी रजनीश पांडेय और वकील पांडेय के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। रजनीश पांडेय ने सीमांकन का वाद एसडीएम भाटपाररानी के न्यायालय में दाखिल किया था। एसडीएम कोर्ट ने रजनीश पांडेय के पक्ष में फैसला सुनाया। 11 दिसंबर 2006 को मुकदमा मेें फैसला आने के बाद दोनों पक्ष घर लौट आए। उसी दिन शाम को साढ़े पांच बजे रजनीश पांडेय और चतुरानन पांडेय शौच करने बंधा की तरफ गए थे। वहां देवी स्थान के पास वकील पांडेय, कमलेश पांडेय पुत्रगण महेंद्र पांडेय और चंदन पांडेय पहले से घात लगाकर बैठे थे। उनके हाथ में कुल्हाड़ी थी। रजनीश और चतुरानन को देखकर ललकारा और कुल्हाड़ी से हमलाकर चतुरानन की हत्या कर दी। घटना का केस खामपार थाने में दर्ज कराया गया। इस मामले में हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कुल्हाड़ी बरामद कर लिया। मुकदमा की सुनवाई करते हुए अपर जिला सत्र न्यायाधीश साधना रानी ठाकुर की अदालत ने दोनों भाइयों वकील पांडेय और कमलेश पांडेय और उनके चाचा चंदन पांडेय को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।