बघौचघाट/देवरिया। प्राइवेट लाइनमैन की मौत के बाद हंगामा करने वाले लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर की तहरीर पर हुई है। आरोप है कि करंट से लाइनमैन की मौत के बाद नाराज लोगों ने सड़क जामकर पुलिस पर पथराव किया। जिससे सरकारी काम में व्यवधान पैदा हुआ। घटना में आरोपी सात नामजद, 300 अज्ञात लोगों की तलाश में पुलिस जुटी है। लोगों ने मामले को राजनीतिक तूल देने का आरोप लगाया।
बुधवार को मोहर्रम का जुलूस निकला था। थानाक्षेत्र के रामपुर महुआबारी गांव में ताजिया निकलनी थी। उसकी ऊंची अधिक थी। बिजली का तार रास्ते में अवरोध कर रहा था। इलाके के कई लोगों ने बिजली विभाग को सूचना देकर तार उतारने का अनुरोध किया था। बिजली विभाग की ओर हरफोड़ा निवासी नुरूलहुदा को तार ठीक करने के लिए भेजा गया।
पोल पर चढ़कर वह काम कर रहा था इसी बीच बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। मौके पर नुरूलहुदा की मौत हो गई। नाराज लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर मुआवजे की मांग की। करीब पांच घंटे तक नुरूलहुदा का शव बिजली के पोल से लटकता रहा। इंस्पेक्टर बघौचघाट माधव प्रसाद द्विवेदी पहुंचेे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की।
उनकी मौजूदगी में कुछ लोगों ने शंभू यादव नामक एक व्यक्ति की पिटाई कर दी। किसी तरह बीचबचाव का मामले को शांत किया गया। एडीएम प्रशासन बीएल मौर्या ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया। पुलिस ने ताजिया निकले का इंतजार किया। गुुरुवार को इंस्पेक्टर माधव प्रसाद द्विवेदी ने हंगामा करने वालों के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने हरफोड़ा निवासी जलालुद्दीन पुत्र यूसुफ सहित सात नामजद, 300 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।