लखनऊ में मोनिका सिंह पर फायरिंग का आरोपी दिव्यांग शूटर सुनील भलुअनी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह शराब व सराफा कारोबारी संजय केडिया की सरपरस्ती में चलने वाले बदमाशों की गैंग में शामिल है। सुनील के पर गैंगस्टर, गुंडा एक्ट की कार्रवाई हो चुकी है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और लखनऊ में लूटपाट के कुल 17 केस उस पर दर्ज हैं। बीते कुछ दिनों से पुलिस अधिकारियों ने उसकी ओर से ध्यान हटा दिया था और वह विधानसभा चुनाव के दौरान भी बाहर ही रहा।
लखनऊ पुलिस की गिरफ्त में आए संजय केडिया से पूछताछ के बाद पुलिस ने देवरिया में बदमाशों के खिलाफ धरपकड़ अभियान शुरू किया। मोनिका सिंह पर हमले के बाद सीसीटीवी फुटेज में दिव्यांग की मौजूदगी ने पूरे खेल को खराब कर दिया। उसकी कॉल डिटेल पुलिस को आसानी से मिल गई। पूछताछ के बाद दिव्यांग शूटर की पहचान भलुअनी थानाक्षेत्र के सुरौली निवासी सुुनील जायसवाल के रूप में हुई। मोनिका सिंह पर हमला करने से पहले भी सुनील जरायम की दुनिया में कई बार अपनी धमक दर्ज करा चुका है। वह 20 लाख रुपये की लूट के एक मामले में भी आरोपी है। बीते डेढ़ दशक से वह लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। खुखुंदू इलाके के श्रीप्रकाश तिवारी के साथ संपर्क में आने के बाद बड़ी वारदात को अंजाम देने लगा। लखनऊ के कृष्णानगर थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि मोनिका पर हमले की साजिश संजय केडिया, श्रीप्रकाश तिवारी ने रची थी। देवरिया के भलुअनी सुरौली निवासी सुनील तिवारी, देवरिया शहर निवासी इंद्रपाल और विकास फायरिंग में शामिल हैं।
केडिया के शराब कारोबार पर संकट
देवरिया।
पूर्वांचल में शराब के सबसे बड़े कारोबारी संजय केडिया के करोड़ों के कारोबार पर संकट गहराने लगा है। करीब दस वर्षों से चल रहे कारोबार पर दूसरे लोगों की नजरें टिक गई हैं। सूत्रों ने बताया कि पोंटी चड्ढा द्वारा खड़े किए गए चड्ढा ग्रुप से कंपनी वेव जल्द ही केडिया के साथ अपना पूरा कारोबार दूसरे के हाथ सौंप सकती है। पोंटी चड्ढा की हत्या के बाद पूर्वांचल में कंपनी की शराब का थोक कारोबार संजय केडिया के पास है। लखनऊ में मोनिका पर हमले में संजय केडिया का नाम आने से कंपनी की छवि पर असर पड़ा है। ऐसे में कारोबार से जुड़े लोग हाथ खींचने में लगे हैं। संजय केडिया के साथ काम करने वाले लोगों ने बताया कि वेव से जुड़े अधिकारियों ने देवरिया के कारोबार के बारे में पड़ताल शुरू कर दी है। जल्द ही कोई दूसरा संजय केडिया की जगह कारोबार संभाल लेगा। सूत्रों ने बताया कि शराब के कारोबार में संजय केडिया तेरह वर्ष से जुड़ा है। पोंटी चड्ढा की हत्या के बाद पूर्वांचल में शराब का कारोबार केडिया के पास आ गया। विभिन्न ग्रुपों की जिले में होने वाली शराब की सप्लाई का काम केडिया के पास है। शराब के करोड़ों के कारोबार में केडिया ने अकूत दौलत खड़ी कर ली है।
दो शूटर अब भी नहीं लगे एसटीएफ के हाथ
मोनिका सिंह पर हमले के आरोपी देवरिया के इंद्रपाल और विकास की तलाश में एसटीएफ के अलावा लखनऊ पुलिस की एक टीम ने डेरा डाला है। मंगलवार की सुबह अंसारी रोड पर टीम के सदस्यों की मौजूदगी देखी गई। इसके अलावा पुलिस टीम ने करीब एक दर्जन लोगों के नंबर सर्विलांस पर लिए हैं। सूत्रों ने बताया कि अनिल सोनकर पुलिस रिकॉर्ड में है, जबकि इंद्रपाल और विकास के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में एसटीएफ और लखनऊ पुलिस देवरिया की गलियों में धूल फांक रही है। सूत्रों ने बताया कि श्रीप्रकाश ही पूरे कांड का मास्टर माइंड है।