फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘यस’ या ‘नो’ कहते ही लग जाता था लाखों का सट्टा

Tue, 09 May 2017 11:56 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
विज्ञापन
सट्टा - फोटो : ESPN
विज्ञापन

विज्ञापन
आईपीएल सट्टे के काले कारोबार के लिए बुकीज ने एक विशेष कोड भाषा तैयार की थी। कोड भाषा में किसी भी नाम या प्लेयर के नाम का उपयोग न कर सिर्फ नंबर बोले जाते थे। सट्टा लगाने के लिए सिर्फ ‘यस’ या ‘नो’ बोलना होता था और डील फाइनल हो जाती थी। इस कोड भाषा के लिए बुकीज को विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी।

सट्टेबाज पारस यह ट्रेनिंग ले चुका था और विपिन को भी जल्द ट्रेनिंग दी जाने वाली थी।पिछले कुछ सालों में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में कई प्लेयरों के नाम जांच एजेंसियों के सामने आने के बाद सट्टेबाजों ने नई कोड भाषा तैयार की है। मैच शुरू होते ही लीज लाइन पर इस कोड लैंग्वेज में ही रेट बोले जाते हैं।
विज्ञापन


बुकीज मोबाइल से पंटरों को कॉल कर कोड लैंग्वेज में ही रेट बताते हैं। एसपी सिटी आकाश गौतम के अनुसार दोनों बुकीज ने बताया कि वे प्लेयरों पर नहीं बल्कि सिर्फ ओवर में बनने वाले रन, विकेट और टीमों पर सट्टा लगाते थे। एसपी सिटी ने बताया कि शुरुआती जांच में बुकीज का किसी आईपीएल प्लेयर से संपर्क दिखाई नहीं देता है।

हालांकि फोन कॉल रिकार्ड्स की जांच की जा रही है। जांच में बुकीज की चेन तक पहुंचकर पूरे रैकेट को पकड़ा जाएगा।पहले बैटिंग करने वाली टीम का नंबर एक, तो पावर प्ले के ओवरों का नंबर छह

क्राइम ब्रांच प्रभारी एससी बेलवाल ने बताया कि कोड लैंग्वेज में पहले बैटिंग करने वाली टीम को एक और बाद में बैटिंग करने वाली को दो नंबर दिया जाता था। अगर पंटर को पहली टीम पर सट्टा लगाना होता तो सिर्फ ‘एक यस’ बोलना होता था। ऐसे ही पावर प्ले में बनने वाले रनों के अनुमान के लिए ‘छह 50‘ का रेट दिया जाता।
विज्ञापन


यानि छह ओवर में 50 रन। ‘छह 50 यस’ का मतलब छह ओवर में 50 रन से अधिक बनने पर डील और ‘छह 50 नो’ का मतलब छह ओवर में 50 रन से कम पर डील फाइनल होना था।

पुलिस से बचने के लिए नंबर कोड से सट्टा
पारस ने पुलिस को बताया कि शुरुआत में प्लेयरों के नाम के कोड बनाकर सट्टा लगता था, मगर पुलिस बुकीज की कॉल रिकॉर्ड कर उन्हें पकड़ लेती थी। नंबर लैंग्वेज के जरिए पुलिस रिकॉर्डिंग के बाद भी उन्हें ट्रेस नहीं कर पाती थी। पुलिस के अनुसार पकड़े गए बुकी एक मैच पर चार से पांच लाख का सट्टा लगाते थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें