खुखुन्दू के दोहनी गांव में 55 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर जान दे दी मौके पर लगी भीड।
देवरिया में कर्ज के बोझ से दबे 55 साल के एक शख्स ने फांसी लगाकर जान दे दी। तनाव के कारण वह काफी परेशान था और उसका गोरखपुर में इलाज चल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
खुखुंदू के दोहनी निवासी राम बड़ाई मौर्य घर पर ही रहते थे। परिवार में बेटा मिथिलेश, बेटी रिंकू और पत्नी फूलपत्ती देवी हैं। घर की माली हालत सुधारने के लिए उन्होंने ब्याज पर कर्ज लेकर इकलौते बेटे मिथिलेश को चार माह पहले दुबई में नौकरी के लिए भेजा। लेकिन बेटे की सैलरी कम होने से कर्ज अदा नहीं कर पा रहे थे। परिवारवालों की मानें तो उन्हें कर्ज चुकाने और बेटी की शादी की चिंता सता रही थी। इसको लेकर वह तनाव में रहते थे। इसके लिए गोरखपुर में उनका इलाज भी चल रहा था।
शनिवार की रात खाना खाने के बाद वह सोने चले गए। रविवार की सुबह उसका शव घर से करीब 200 मीटर दूर एक पीपल के पेड़ से लटकता मिला। टहलने के लिए निकलीं महिलाओं ने शव लटकता देख शोर मचाया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बाबत खुखुंदू एसओ नितीश श्रीवास्तव ने बताया कि राम बड़ाई की मानसिक हालत ठीक नहीं था। गोरखपुर में उनका इलाज चल रहा था।