बघौचघाट। ताजिया निकलने में अड़चन बने बिजली के तार को ऊंचा करने पोल पर चढ़े युवक की करंट से मौत हो गई। साढ़े चार घंटे तक उसकी लाश तार से झूलती रही। नाराज लोगों ने तहसीलदार का घेराव किया और थानेदार को खदेड़ दिया। उनकी मांग थी जब तक डीएम या एसपी मौके पर नहीं आएंगे, लाश नहीं उतरने दी जाएगी। दिन में दो बजे एडीएम प्रशासन के आश्वासन पर लाश उतारी गई। रामपुर महुआबारी चौराहे से सुबह ताजिया जुलूस गुजर रहा था। साढ़े नौ बजे एक बड़ी ताजिया बिजली का तार को छू रहा था।
इससे वह निकल नहीं पा रही थी। हरफोड़ा के रहने वाले 40 वर्षीय प्राइवेट लाइनमैन नुरुलहुदा ने बिजली विभाग के अधिकारी से बिजली काटने की मांग की। लोगों का कहना है कि अधिकारी सप्लाई बंद करने पर राजी हो गए।
इसके बाद वह पोल पर चढ़ गया। विद्युत प्रवाह बंद नहीं किए जाने से तार पकड़ते ही चिपक गया। उसे बचाने की कोशिश की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। इससे नाराज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलने के आधे घंटे बाद दस बजे थानेदार मौके पर पहुंचे। लोगों ने कहा कि डीएम या एसपी के आने के बाद ही लाश नीचे उतारी जाएगी और थानेदार को खदेड़ दिया।
उनकी मांग थी कि नुरुलहुदा के आश्रितों को 50 लाख मुआवजा और जूनियर इंजीनियर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। 11 बजे तहसीदार पहुंचे। लोगों ने उनका भी घेराव किया। मामला तूल पकड़ता देख दो बजे एडीएम प्रशासन मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि नुरुलहुदा के परिजन को सरकारी सुविधा और दोषी कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।