दफनाई गई छात्रा की लाश निकालने के दौरान मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
भटनी। दो दिन पूर्व दफनाई गई छात्रा की लाश तहसीलदार की मौजूदगी में निकाला गया। कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने लाश को पीएम के लिए भेज दिया। मामला तूल पकड़ने के बाद स्कूल प्रशासन भूमिगत हो गया है। इसको लेकर गांव में तरह तरह की चर्चा है।
नोनापार गांव के छपरा टोला निवासी मनोज की कुशवाहा की बेटी सोनिया, मुस्कान और अंजनी गांव के एक स्कूल में पढ़ती हैं। बुधवार को पढ़कर तीनों बहनें घर आ रही थीं। इसी बीच इसी स्कूल के वाहन से एलकेजी की छात्रा अंजनी को टक्कर लग गई। स्कूल प्रशासन उसे जिला अस्पताल ले गया जहां उसकी मौत हो गई। अंजनी के पिता मनोज बाहर कहीं नौकरी करते हैं।
इसकी वजह से स्कूल के लोग छात्रा के रिश्तेदारों व घर वालों की सहमति से सवरेजी गांव के पास दफना दिया। गुरुवार को अंजनी की मां ने बच्ची की मौत पर संदेह जताते हुए एसपी मोहम्मद इमरान को फोन पर शिकायत की।
एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भटनी पुलिस को लाश का पीएम कराने का निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर सलेमपुर के तहसीलदार राहुल देव भट्ट और भटनी पुलिस सवरेजी पहुंची और दफनाई गई लाश को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस बाबत प्रभारी एसओ राजेश कुमार ने बताया कि लाश को पीएम के लिए भेजा गया। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।