पुलिस लाइंन्स में प्रशिक्षण ले रही महिला पुलिस से आईजी ने जानकारी ली।
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देवरिया। प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों से शुक्रवार को आईजी मोहित अग्रवाल रूबरू हुए। उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। आईजी ने कहा कि आने वाले दिनों में थाने पेपरलेस हो जाएंगे, तकनीकी जानकारी ही काम आएगी। लिहाजा प्रशिक्षण के दौरान ही ऑनलाइन एफआईआर, जीपीएस, आईपीएस समेत अन्य तकनीकी जानकारियां हासिल कर लेनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी यदि इन प्रशिक्षुओं को नियमित एक घंटे पढ़ाएं तो ये और अव्वल होंगी क्योंकि इन्हें 40 साल विभाग में सेवा देनी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु पुलिसकर्मी विभाग की नींव हैं। प्रशिक्षण अच्छी होगी तो परिणाम बेहतर आएंगे। इस दौरान प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने आईजी से सवाल भी पूछे। मौजूदा समय में देवरिया के पुलिस 299 महिला पुलिसकर्मी प्रशिक्षण ले रही हैं।
आईजी ने प्रशिक्षण के दौरान खेल को भी प्राथमिकता देने की बात कही। इसके बाद आईजी कंट्रोल रूम पहुंचे। रिकॉर्ड के रख रखाव पर नाराजगी जताई। रजिस्टर जांचा और 100 पर आने वाली सूचना के बारे में पूछी। प्रतिदिन कितने लोग डॉयल 100 पर सूचना देते हैं, पुलिस कितने देर में मौके पर पहुंचती है, क्या कार्रवाई होती है, पीड़ित संतुष्ट होता या नहीं। थाने से संबंधित मामलों में क्रास चेकिंग जरूर कराई जाय। उन्होने पुलिस अधीक्षक से नियमित रजिस्टर की जांच करने को भी कहा। इसी दौरान आईजी का ध्यान कंट्रोल रूम में चल रहे टीवी पर गई।
फिर क्या था, कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिसकर्मियों से सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने पूछा कि टीवी पर चलने वाली सूचनाओं की जानकारी अधिकारी को देते हें या नहीं। सिपाही ने कहा कि हां, लेकिन एएसपी ने सिपाही की बात को नकार दिया। आईजी ने पूछा कि भटनी में डांस की खबर टीवी पर चल रही थी, सूचना फ्लैश की थी या नहीं। इस पर पुलिसकर्मी बगले झांकने लगे।