बरहज/पैना। शनिवार को पौ फटते ही दिवंगत सब इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह का पार्थिव शरीर डेहरी पहुंचा तो गांव में मातम फैल गया। हालाकि दिग्विजय की मौत की खबर से ही गांव में सियापा सा माहौल हो गया था।
दरवाजे पर पहुंचते ही तिरंगे में लिपटे शव से लोग लिपट पड़े। परिवार के अलावा रिश्तेदार, इलाके के लोगों की आंखों सेे आंसू रुकने का नाम नही ले रहे थे। हर कोई एक दूसरे को समझाने मे लगा हुआ था।
पत्नी अर्चना को देखकर लोग काफी फफक पड़ रहे थे। लोग यही कह रहे थे कि आखिर भगवान ने ऐसा कठोर अन्याय क्यों किया। एटा जिले के निधौलीकलां थाने में एसओ के पद पर तैनात दिग्विजय सिंह की गुरुवार की देर रात मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। शनिवार की सुबह घरवालों की मौजूदगी में पुलिस वाहन से पार्थिव शरीर लाया गया।
शव को कुछ ही देर बाद सैकड़ों लोगों के साथ दाह संस्कार के लिए पैना के सतिहड़ा घाट पर लागा गया, उन्हें मुखागिभन बड़े भाई रिंकू सिह ने दी। लोगों ने दिग्विजय सिंह अमर रहे के नारे लगाकर अपने लाल को विदा किया। दिग्विजय सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी देने जिले के पुलिस कप्तान मोहम्मद इमरान पैना के सतिहड़ा शमसान घाट पर पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्प चक्र अर्पित कर अपने जांबाज साथी को अंतिम सलामी दी।
इस दौरान पूर्व सांसद गोरख जायसवाल, गिरेंद्र प्रताप यादव, संतोष प्रजापति, अरविंद सिंह खोखा, जितेंद्र बहादुर सिंह, दीनदयाल यादव, संजय दुबे, धनंजय मणि, अशोक सिंह, शिवचरण सिंह, संदीप सिंह, जयपाल सिंह, चंद्रशेखर सिंह, अश्वनी सिंह आदि रहे।