खुखुंदू। पुरानी रंजिश में चाचा ने भतीजे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना को आत्महत्या बनाने के लिए आरोपी ने शव को फंदे से लटका दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने, पूछताछ के बाद संदिग्ध के अचानक गायब होने से संदेह गहरा हो गया।
सोमवार को पुलिस ने मुसैला चौराहे से शिक्षक की हत्या में आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस के सामने जुर्म को कबूल कर लिया। खुखुंदू, बिरजापुर झंगटौर गांव में 30 अगस्त को शिक्षक धर्मेंद्र मिश्र की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि शव फंदे से लटक रहा था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। लेकिन कोई सबूत हाथ नहीं लगा। इंस्पेक्टर नीतिश श्रीवास्तव पांच माह से घटना की पड़ताल में थे। शिक्षक की हत्या में चाचा ह्दयानंद मिश्र से पूछताछ की थी। लेकिन दबाव में पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी नहीं की। सोमवार की भोर में एसओ ने ह्दयानंद को गिरफ्तार कर लिया।
घटना का पर्दाफाश करते हुए इंस्पेक्टर ने बताया कि मकान बनवाने के दौरान दोनों के बीच विवाद गहरा हो गया था। ऊपर से धर्मेंद्र के दोस्तों का आना जाना ह्दयानंद का रास नहीं आता था। मौका मिलते ही उसने गला दबाकर भतीजे की हत्या कर दी थी।
पूछताछ के लिए पहले भी बुलाया गया। लेकिन कुछ दिन बाद आरोपी घर छोड़कर गायब हो गया। साक्ष्य के आधार पर शिक्षक की हत्या में चाचा को आरोपी बनाकर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोतवाली, गोविंदपुर निवासी धर्मेंद्र के साले ने मुकदमा दर्ज कराया है।