गौरीबाजार। मतदान को लेकर भाजपा विधायक जन्मेजय सिंह और सपा प्रत्याशी जेपी जायसवाल के समर्थकों में मारपीट हो गई। पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा लहूलुहान हो गया। लाठीचार्ज कर रहे पुलिसकर्मियों पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। सीओ रुद्रपुर और इंस्पेक्टर मौके पर डटे हैं। वहां पीएसी तैनात कर दी गई है।
गौरीबाजार, देवगांव निवासी भाजपा विधायक जन्मेजय सिंह सदर विधानसभा से प्रत्याशी हैं। गांव के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पहलवान सिंह के बेटे व्यास सिंह सपा प्रत्याशी जेपी जायसवाल के समर्थक हैं। गांव में विधायक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बीच लंबे समय से अदावत चलती है। शनिवार को मतदान के दौरान भी दोनों पक्ष के बीच कई बार झड़प हुई। सपा समर्थक व्यास सिंह का आरोप था कि विधायक के बेटे गांव में बूथ कैप्चरिंग कर वोट डलवा रहे हैं। इस सूचना के बाद बूथ की सुरक्षा बढ़ा दी गई। शाम चार बजे के करीब रामपुर, गौरीबाजार चौराहे पर व्यास सिंह पहुंचे। तभी भाजपा समर्थकों ने पीटकर लहूलुहान कर दिया। सूचना पर सपा प्रत्याशी जेपी जायसवाल भी पहुंच गए।
उपचार के बाद जेपी ने घायल व्यास सिंह को उनके घर ले जा रहे थे। हाटा रोड पर विधायक के बेटे पिंटू सिंह ने समर्थकों के साथ नोकझोंक और मारपीट हुई। जेपी समर्थकों के साथ मौके से भाग निकले। इस दौरान फोटो खींच रहे एक पत्रकार की भी पिटाई कर दी गई। इंस्पेक्टर डीपी सिंह, उप निरीक्षक अश्वनी तिवारी फोर्स के साथ पहुंचे और उपद्रवियों पर लाठीचार्ज कर दिया।
विधायक के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। विवाद में उप निरीक्षक अश्वनी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल दरोगा का कहना है कि विधायक के बेटे ने पुलिस ने जानलेवा हमला किया। मारपीट में उनके अलावा कई पुलिसकर्मी घायल हैं। विवाद के बाद गौरीबाजार चौराहे छावनी में तब्दील हो गया। जन्मेजय सिंह के कार्यालय को पुलिस ने घेरे रखा है।
इंस्पेक्टर डीपी सिंह ने कहा कि वोट को लेकर भाजपा और सपा समर्थकों में मारपीट हुई है। लाठीचार्ज के बाद उपद्रवियों ने पथराव किया है। पुलिस तैनात कर दी गई है। विधायक और उनके बेटों पर केस होगा। सपा प्रत्याशी जेपी जायसवाल का कहना है कि विधायक जन्मेजय सिंह और उनके परिवार के लोगों ने देवगांव बूथ पर कब्जा कर लिया था। सपा एजेंट व्यास सिंह को चाकू से मारा गया।
एसपी को फोन किया गया लेकिन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इस संबंध में भाजपा विधायक से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन बंद मिला। वहीं, रामपुर कारखाना के सहोदर पट्टी गांव में शनिवार को दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। दोपहर ढाई बजे के करीब पुलिस ने लाठीचार्ज कर दोनों पक्षों को खदेड़ दिया।