पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई।
- फोटो : अमर उजाला
बरहज। ऐतिहासिक जहाज घाट की जमीन पर सरस्वती प्रतिमा रखने को लेकर एक पक्ष के तरफ से रोके जाने से तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मामला उग्र होने से पहले ही काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
जहाज घाट की जमीन पर किए गए अतिक्रमण खाली कराए जाने को लेकर पूर्व में हिंदू आदि संगठनों के तरफ से धरना-प्रदर्शन किया गया था। लोगों का कहना है कि उक्त विवादित जमीन पर करीब दो दशक से बाल सेवा समिति की ओर से वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की प्रतिमा रखी जाती है। बुधवार को बच्चे सरस्वती की प्रतिमा रख रहे थे।
इसी बीच कुछ लोगों ने प्रतिमा रखने से मना कर दिया। इसको लेकर लोगों में नाराजगी फैल गया। मूर्ति नहीं रखने की बात पर हिंदू संगठन के लोग जुटने लगे। बिगड़ते माहौल की सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी एनके सिंह, नायब तहसीलदार सुनीता गुप्ता, प्रभारी थाना निरीक्षक प्रदीप शर्मा, भलुअनी एसओ अंशुमान यदुवंशी आदि फोर्स के साथ पहुंच गए।
विवादित स्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। दोनों पक्ष के अमरेंद्र गुप्त, जितेंद्र भारत, पारसनाथ यादव, अमर यादव, रामजनम निषाद, अजीत पांडेय, दिनेश चौहान, हरेंद्र विश्वकर्मा, शीतल पटेल, बलवंत यादव और पवन पांडेय आदि और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। एडिशनल एसपी ने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी प्रतिमा रखने का निर्देश दिया गया है। विवाद पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।