देवरिया/गौरीबाजार। युवा व्यापारी योगेश जायसवाल की हत्या के विरोध में रविवार को गौरीबाजार समेत आस-पास के कस्बों में ऐतिहासिक बंदी रही। दुकानें बंद कर व्यापारी सड़क पर उतरे। हत्यारों की गिरफ्तारी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने मुख्य चौराहे के पास गोरखपुर-देवरिया मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने दोपहर साढ़े 12 बजे किसी तरह रास्ता खाली कराया। इससे पहले गौरीबाजार ब्लॉक कार्यालय के पास भी कई बार शव रखकर जाम लगाने की कोशिश हुई, लेकिन अफसर उसे नाकाम करते रहे। कई बार तीखी झड़प भी हुई।
गोरखपुर में पोस्टमार्टम के बाद सुबह करीब सात बजे व्यापारी का शव रुद्रपुर रोड स्थित आवास पर पहुंचा। पहले से ही यहां लोगों की भीड़ जुट गई थी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे थे। शव देखते ही लोग उग्र हो गए। शव उठाने से इंकार दिया। पूरे मामले में पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए एसओ पर कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने ब्लॉक कार्यालय के सामने जाम लगाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि एसओ पर कार्रवाई और बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद ही वह शव जाने देंगे। लोगों का गुस्सा इस कदर था कि पुलिस-प्रशासन के लोग बैकफुट पर नजर आए। जाम लगाने जा रहे लोगों से कई बार पुलिस की झड़प भी हुई। मौके पर पहुंचे एडीएम उमेश कुमार मंगला, एएसपी शिष्यपाल, एसडीएम दिनेश मिश्र ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे बाद घर वाले शव ले जाने पर राजी हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच लोग व्यापारी का शव लेकर मझना नाला पुल स्थित अंत्येष्टि स्थल पर रवाना हुए तो इसके कुछ देर बाद गौरीबाजार के रामपुर चौराहे पर भी देवरिया-गोरखपुर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस-प्रशासन के वाहन जाम में फंस गए। आनन-फानन पुलिस के अफसरों ने मौके पर पहुंच जाम लगाए लोगों से वार्ता की। घरवालों से हुई बातचीत के बारे में बताते हुए उन्हें कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। करीब आधे घंटे बाद लोगों ने रास्ता खाली किया। इस दौरान देवरिया, गोरखपुर और कुशीनगर जिले के कई थानों की फोर्स, पीएसी व एसएसबी के जवान डटे रहे।
ऐतिहासिक बंदी से चाय-पान को तरसे लोग
देवरिया। युवा व्यापारी की हत्या को लेकर लोगों में इस कदर आक्रोश था कि सुबह से ही गौरीबाजार कस्बे की दुकानें नहीं खुलीं। व्यापार मंडल ने शनिवार की रात बंद का एलान किया था। इसके बाद रविवार को अधिकांश व्यापारियों ने दुकान का ताला ही नहीं खोला। कुछ दुकानें खुलीं भी तो उनके शटर जल्द गिर गए। आलम यह था कि चाय-पान के लिए भी लोग तरसते दिखे। लोगों को जरूरत पर चौराहे तक आना पड़ा। कस्बे में हर तरफ भारी फोर्स तैनात रही। गौरीबाजार के अलावा मठिया चौराहा, इंदूपुर चौराहे की भी दुकानें घटना के विरोध में नहीं खुलीं।
रात में लाठियां भांजकर पुलिस ने हटवाया जाम, व्यापारी नेता घायल
देवरिया। मठिया चौराहे पर सरेशाम व्यापारी की दुस्साहसिक हत्या से आक्रोशित लोग शनिवार की देर रात तक सड़क पर जमे रहे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष तेज प्रताप जायसवाल, व्यापारी नेता शक्ति गुप्ता, भाजपा नेता हरेंद्र जायसवाल, सपा नेता हृदयनारायण जायसवाल, धनोज जायसवाल, योगेश सिंह आदि के नेतृत्व में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने जाम लगाया। इस बीच कई बार सदर एसडीएम दिनेश मिश्र, सीओ वरुण मिश्र ने उन्हें समझाकर रास्ता चालू कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में रात साढ़े 11 बजे हल्का बल प्रयोग कर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। लाठीचार्ज में तेज प्रताप जायसवाल को चोटें आईं। पुलिस उन्हें और हरेंद्र जायसवाल सहित अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर थाने ले गई। कुछ देर बैठाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सुबह तेज प्रताप ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराया।