कंचनपुर के गढ़रामपुर में हुए बवाल में तरकुलवा पुलिस ने सड़क जाम, पुलिस पर पत्थरबाजी करने वाले सात नामजद समेत 50 लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सपा नेता की पिटाई समेत सगे भाइयों समेत तीन को पुलिस ने जेल भेज दिया है। सपा नेता की गिरफ्तारी नहीं होने और पीड़ित परिवार को दूसरे केस में फंसाए जाने से इलाके लोग आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि पुलिस संरक्षण में एक गुंडा राजनीतिक चोला ओढ़कर सरेआम घूम रहा है। पुलिस उसे संरक्षण दे रही है।
शुक्रवार की रात साढ़े सात बजे बसंतपुर निवासी आनंद दुबे और शिवानंद दुबे अपने पान की दुकान पर मौजूद थे। इसी बीच सपा नेता कामेश्वर प्रताप सिंह पहुंचा। पुराने मुकदमें और पान का बकाया रुपये मांगने से सपा नेता आग बबूला हो गया। दोनों भाइयों को दुकान से खींचकर बेरहमी से पीटा और भाग निकला। चर्चा है कि सपा नेता ने हवा में असलहा भी लहराया। भयभीत लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, लेकिन वक्त से तरकुलवा पुलिस मौकेे पर नहीं पहुंची। एक घंटे के बाद गढ़रामपुर और बसंतपुर के लोगों ने देवरिया-कसया मार्ग जाम कर दिया। तरकुलवा इलाके में सपा नेता की गुंडई फिर से उजागर होने पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। एसपी के निर्देश पर कई थानों की फोर्स पहुंची और मान-मनव्वल में जुट गई।
सड़क जाम कर रहे लोग गिरफ्तारी की मांग कर रहे थेे। देर रात आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बात की जानकारी सड़क जाम करने वालों को हुई तो वे भड़क गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर चलाया। इससे थाने के सिपाही दुर्गेश चौरसिया का सिर फट गया और कई पुलिस वाले चोटिल हो गए। पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसमें आनंद, शिवानंद, हरिहर, संध्या देवी, शैल देवी, राजन दुबे आदि घायल हो गए। रात 10 बजे के करीब गांव के लोग फिर से सड़क पर बैठ गए। अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह, एसडीएम सदर अजय श्रीवास्तव, सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और जाम करने वाले लोगों को धमकाया। रात 11 बजे पुलिस जाम खुलवाने में सफल हुई।
इस मामले में शिवानंद दुबे, आनंद दुबे और हरिहर दुबे को पुलिस थाने ले आई। रात 12 बजे तक तीनों से पूछताछ की गई। इस दौरान बघौचघाट, रामपुर कारखाना, गौरीबाजार की फोर्स मौजूद रही। प्रभारी निरीक्षक तरकुलवा अनिल कुमार पांडेय ने अपनी तरफ से केस दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि पुराने मुकदमें की बात को लेकर हरिहर दुबे, जगतनरायन दुबे, शिवानंद और आनंद सात नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों ने देवरिया-कसया मार्ग जाम किया था। इसके चलते इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया था।
पुलिस ने जाम हटवाने की कोशिश की। इसी बीच नारेबाजी कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किया गया। पत्थरबाजी की वजह से कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला, सड़क जाम, बलवा समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। सड़क जाम के मामले में पिता और दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष की तलाश की जा रही है।