दुकानों को ध्वस्त करने पहुंची प्रशासन की टीम।
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रुद्रपुर। नगर के जमुनी चौराहे पर किराए के मकान में चल रहीं दुकानों को खाली कराने को लेकर रविवार की शाम जमकर हंगामा हुआ। एसडीएम-सीओ को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। व्यापारी सड़क पर उतर आए। जमुनी चौराहे पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। मौके पर पांच थानों की पुलिस पहुंच गई। व्यापारियों के विरोध के चलते बैकफुट पर आया प्रशासन एक सप्ताह की मोहलत देकर बैरंग लौट गया।
जमुनी चौराहे पर करीब 30 वर्षों से नीरज श्रीवास्तव के मकान में चार दुकानदार दुकान कर रहे हैं। मकान मालिक नीरज, विक्रम, शशांक आदि मकान को जर्जर बता कर उसका जीर्णोद्धार करा रहे हैं। नगर पंचायत के जेई ने मकान के जर्जर होने पर ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट दी है। जेई की रिपोर्ट के आधार पर मकान मालिक ने डीएम को ध्वस्तीकरण कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। दुकानदारों को नोटिस देने के बाद भी उन्होंने दुकान खाली नहीं की। डीएम के निर्देश पर रविवार को एसडीएम सुनील कुमार सिंह, सीओ अंबिका और तहसीलदार केशरीनंदन त्रिपाठी पांच थानों की पुलिस के साथ जेसीबी लेकर दुकानों को ध्वस्त करने पहुंचे। इस दौरान पूर्व चेयरमैन छट्ठेलाल निगम, सुधांशु मौलि ओझा, लल्लन गुप्ता, दिलीप जायसवाल, राकेश, आशीष मोदनवाल, श्यामजी जायसवाल आदि ने दुकानदारों की बेदखली को लेकर विरोध शुुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन पर दुकानदारों की रोजी-रोटी का जरिया खत्म करने का आरोप लगाया। पूर्व चेयरमैन के नेतृत्व में व्यापारियों ने सड़क जामकर प्रदर्शन किया। शाम साढ़े सात बजे तक बात नहीं बन पाई। बाद में प्रशासन एक सप्ताह की मोहलत देकर लौट गया। इस बाबत एसडीएम ने कहा कि मकान मालिक के पक्ष में दुकान खाली कराकर जर्जर भवन को गिराने का आदेश है। एक सप्ताह में विवाद का निस्तारण कर दुकान खाली करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर सख्ती की जाएगी।