सेमरा घुसरी में पुलिस मामले की जानकारी लेती हुई।
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सलेमपुर। कोर्ट के आदेश पर जमीन कब्जा दिलाने गए नायब तहसीलदार और पुलिस टीम को मनबढ़ों ने लाठी-डंडा लेकर दौड़ा लिया। इससे अफसर सहम गए और जाने लगे। पीड़ित पक्ष के लोग ने नायब तहसीलदार के जीप के सामने लेट गए और न्याय की मांग करते हुए उन्हें रोक लिया।
जानकारी होने पर तीन थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने प्रशासन को धमकी देने वाले दो लोगों को हिरासत में ले लिया जबकि एक भाग निकला।
कोतवाली क्षेत्र के सेमरा घुसरी गांव निवासी बीन्नू मिश्र की जमीन की पक्की पैमाइश हो गई है। पत्थर भी राजस्व टीम की ओर से लगा दिया गया है लेकिन उस जमीन पर दबंग रघुनाथ यादव का कब्जा है। कब्जा खाली कराने के लिए एसडीएम कोर्ट से बीन्नू मिश्र के पक्ष में दो माह पूर्व आदेश हो गया। 15 दिन पूर्व नायब तहसीलदार डॉ. संजीव राय कब्जा दिलाने सेमरा घुसरी गांव पर गए। दबंग का तेवर देख और पर्याप्त फोर्स नहीं होने पर नायब तहसीलदार चले आए।
सोमवार को दिन में करीब एक बजे नायब तहसीलदार राहुल गुप्ता राजस्व टीम के साथ महिला पुलिस, दो दरोगा और तीन सिपाहियों को लेकर कब्जा दिलाने पहुंचे। नायब तहसीलदार और पुलिस टीम को रघुनाथ यादव और उनके बेटे लाठी डंडा लेकर दौड़ा लिया। रघुनाथ नायब तहसीलदार को ललकारते हुए बोला कि जो कब्जा दिलाएगा उसकी लाश गिर जाएगी।
मनबढ़ों का तेवर देख नायब तहसीलदार और पुलिस टीम पीछे हट गई। यह देख पीड़ित बीन्नू मिश्र पक्ष के लोग न्याय दिलाने की बात कहते हुए वाहन के आगे लेट गए। सूचना पर शाम करीब पांच बजे सलेमपुर, भटनी और लार पुलिस पहुंच गई। मनबढ़ों ने पुलिस के सामने भी तेवर दिखाया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर रघुनाथ, बेटे बीरबल को हिरासत में ले लिया।
एक युवक भाग निकला। कोतवाल ने बताया कि जमीन कब्जा दिलाने गई टीम के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी की थी। इस मामले एक पक्ष से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा दूसरे पक्ष से भी एक को हिरासत में लिया गया है।