देवरिया। मईल थाना क्षेत्र के धरमेर गांव में शुक्रवार की रात नवदंपती की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। कमरे के अंदर पति का शव दरवाजे के पास पड़ा था तो पत्नी रोशनदान से लगे फंदे पर लटकी थी। सुबह घरवाले उन्हें जगाने पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के पीछे पति-पत्नी में विवाद को कारण बताया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस और फॉरेंसिक टीम छानबीन में जुटी हैं।
धरमेर गांव निवासी विजय शर्मा (27) की शादी पिछले साल फरवरी में पास के ही कहांव गांव निवासी सुमन (24) से हुई थी। विजय विदेश में रहकर रोजगार करता था। बीते दिसंबर में वह घर आया था। बताते हैं कि शुक्रवार की रात साढ़े नौ बजे खाना खाने के बाद विजय और सुमन सोने के लिए गांव में स्थित पुराने घर पर आ गए। परिवार के अन्य सदस्य नए मकान पर ही रुक गए थे। सुबह काफी देर तक जब विजय और सुमन बाहर नहीं निकले तो घर के लोग उन्हें जगाने पहुंचे। अंदर देखा तो दरवाजे पर विजय की लाश पड़ी थी। पास में ही रोशनदान से बंधे फंदे पर सुमन का शव लटक रहा था। सूचना मिलते ही घर के अन्य सदस्य पहुंच गए। एएसपी शिष्यपाल सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। विजय के गले पर भी काला निशान मिला है। आशंका जताई जा रही है कि यह उसके गले में मौजूद धागे का निशान हो सकता है। घर वालों ने किसी तरह के विवाद या कोई कहासुनी होने से इंकार किया है। एएसपी ने बताया कि प्रथमदृष्टया पति-पत्नी में विवाद के बाद आत्महत्या का मामला लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही तथ्य सामने आएगा।
विजय और सुमन की मौत से हर कोई अवाक
तीन दिन पहले शादी में हंसी-ठिठोली से विजय-सुमन ने जीता था सबका दिल
सुजीत जायसवाल
लार रोड। तीन दिन पहले घर के एक शादी समारोह में विजय और सुमन की हंसी-ठिठोली लोगों को नहीं भूल रही। उन्हें देखकर तब कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि इनके बीच भी कभी कोई मनमुटाव होगा। मगर शनिवार को जब दोनों की एक साथ मौत की खबर आई तो हर कोई अवाक रह गया। लोग समझ नहीं पा रहे कि आखिर ऐसा क्या होगा जो इस खुशहाल जोड़े ने मौत की राह चुनी होगी।
धरमेर महलिया गांव निवासी विजय कुमार शर्मा की शादी फरवरी 2018 में मईल थाना क्षेत्र के ही कहांव गांव में रामचंद्र की बेटी सुमन से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद विजय रोजी-रोटी की तलाश में विदेश चला गया। दिसंबर में वह घर आया और तब से दोबारा विदेश जाने के लिए प्रयासरत था। गत 17 अप्रैल को परिवार के अन्य लोगों के साथ पति-पत्नी भी चचेरे भाई की शादी में शामिल हुए। शादी में विजय और सुमन ने खूब मस्ती की। शादी बीतने के बाद भी सब कुछ सामान्य था। शुक्रवार की रात दोनों नए मकान से खाना खाने के बाद रोज की तरह कुछ दूरी पर स्थित पुराने मकान में सोने गए और फिर हमेशा के लिए सो गए। काफी खोजबीन के बाद भी पुलिस के हाथ ऐसा कोई तथ्य नहीं लगा, जिससे वह किसी नतीजे पर पहुंच सके। साक्ष्य के रूप में पुलिस को कमरे में फर्श पर सुमन की टूटी चूड़ियां मिलीं। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन को भी कब्जे में लिया। हालांकि, विजय का एंड्रायड फोन लॉक होने से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। एएसपी शिष्यपाल सिंह, एसडीएम सलेमपुर संजीव कुमार यादव, सीओ निष्ठा उपाध्याय, एसओ रवींद्र कुमार रवि, सीओ सलेमपुर सीताराम सहित अन्य अफसरों ने मौके पर पहुंचकर परिवार वालों से जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य तलाशे। घटनास्थल की गहन छानबीन के बाद एएसपी शिष्यपाल सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था विजय
लार रोड। रामरक्षा शर्मा के चार पुत्रों में विजय तीसरे नंबर पर था। सबसे बड़ा भाई अजय, दूसरे नंबर पर सुनील और अनिल सबसे छोटा था। विजय समेत तीन भाइयों की शादी हो चुकी थी। अनिल की शादी जून में तय है। वह विदेश में रोजगार करता है। दिसंबर में घर आया विजय भी विदेश जाने की तैयारी में था, लेकिन चचेरे भाई और फिर अनिल की शादी के कारण रुका था। उसकी मंशा थी कि दोनों शादियों के बाद वह फिर से कमाने जाएगा। विजय और सुमन की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता रामरक्षा, मां उषा देवी सहित अन्य घर वाले और रिश्तेदार बेसुध थे। मौत की सूचना पर पहुंचे सुमन के मायके वालों से भी पुलिस ने अलग से पूछताछ की। उन्होंने भी कभी किसी तरह के विवाद से इंकार किया।
...तो विजय की मौत के बाद सुमन ने चुनी मौत
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस व फॉरेंसिक टीम की जांच में कोई खास तथ्य तो हाथ नहीं लगा, लेकिन दोनों शवों की स्थिति और मौका-ए-वारदात का दृश्य देखकर आत्महत्या का दावा किया जा रहा था। विजय के गले पर काले रंग का निशान था। पुलिस का अंदेशा है कि यह विजय के गले में बंधे धागे के कारण है। किसी तरह विजय के गले का धागा कस गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद पत्नी ने भी फंदा लगाकर जान देने का निर्णय लिया होगा। एसओ रवींद्र रवि ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इससे काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा।