गुददीजोर में शव दफनाने को लेकर हुए तनाव पर पहुंची पुलिस।
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करौंदी बाजार। तरकुलवा के गुद्दीजोर गांव में शव दफन करने को लेकर दो पक्ष के लोग भिड़ गए। तनाव की सूचना पर फोर्स पहुंची और मामले को शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में शव को दफन किया गया। कब्रिस्तान की जमीन को लेकर प्रधान, पूर्व प्रधान के बीच चल रही जोर आजमाइश में पुलिस को पांच घंटे तक पसीने बहाने पड़े। दोनों पक्ष के लोग एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। गुद्दीजोर के पूर्व प्रधान मंजूर अंसारी की माता शहीबुनिशा का शनिवार को निधन हो गया।
पानी की टंकी के पास स्थित कब्रिस्तान में शव दफन करने पूर्व प्रधान पहुंचे। वर्तमान प्रधान पंकज प्रसाद ने शव दफन करने से मना कर दिया। उनका कहना है कि कब्रिस्तान विवादित है। हाईकोर्ट की तरफ से आपत्ति की गई है। पूर्व प्रधान का तर्क था कि पिता का शव भी उसी कब्रिस्तान में दफन है। विवाद की सूचना पर दोनों पक्ष के समर्थक आमने-सामने हो गए। किसी ने सूचना कंट्रोल रूम को दे दी। पुलिस पहुंचते ही दोनों पक्षों के लोग बिफर पड़े। मामला बिगड़ता देख भारी संख्या में फोर्स बुला ली गई।
कुछ लोग मामले को दूसरा रूप देने का प्रयास करने लगे। दोनों पक्ष की लामबंदी देखकर सीओ अजय कुमार सिंह, नायब तहसीलदार फोर्स के साथ पहुंचे। तहसीलदार ने हाईकोर्ट के कागजात को देखा। पुलिस ने लाठियां दिखाकर दोनों तरफ के लोगों को खदेड़ दिया। करीब पांच घंटे तक जोर आजमाइश होती रही। पूरे मामले में तरकुलवा पुलिस की लापरवाही दिखी।
विवाद की सूचना पर फोर्स काफी देर बाद पहुंची। प्रधान पंकज प्रसाद ने कहा पुलिस ने जबरदस्ती शव को दफन करा दिया। कब्रिस्तान विवादित है। जबकि पूर्व प्रधान मंजूर अंसारी का कहना है कि पिता का शव उसी कब्रिस्तान में दफन है। जान बूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। इंस्पेक्टर तरकुलवा राजाराम ने कहा कि गांव में हालात सामान्य है।