सलेमपुर। मूर्ति विसर्जन में बवाल और आगजनी के बाद जेल भेजे गए आरोपियों में वकील समेत पांच लोगों को जेल से रिहा कर दिया गया है।
अन्य आरोपी अभी भी जेल की सलाखों में बंद हैं। इस घटना की वजह से आज भी लोगों में नाराजगी है। लार के मेहरौना बाजार में मूर्ति विसर्जन जुलूस में 15 अक्टूबर की रात को डीएम एसपी के सामने बवाल हो गया।
पुलिस ने उपद्रव करने वाले लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। पुलिस की लाठी से बचाव के लिए लोगों ने पथराव भी किया। इस मामले में पुलिस सैकड़ों लोगों पर अलग-अलग तहरीर पर कार्रवाई की।
पुलिस ने 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसमें चुरिया गांव निवासी वकील धर्मेंद्र मिश्र, नदौली के संदीप पटेल, बासु तिवारी, विनोद तिवारी, शंभू तिवारी को कोर्ट से जमानत मिल गया। रविवार को जेल से इन लोगों को रिहा कर दिया गया। अभी 25 से अधिक लोग जेल में बंद हैं।
पुलिस की एकतरफा कार्रवाई और निर्दोष लोगों को जेल भेजे से जाने से आज भी लोगों में नाराजगी है। लार और मेहरौना में रात को तीन थानेदार ड्यूटी बजा रहे हैं। सीओ अजय राय ने बताया कि पुलिस अपनी तरफ से सतर्क है। लोगों के गतिविधियों पर नजर रख रही है।