तरकुलवा में अवैध बालू खनन का विरोध करने पर किसान की हत्या कर दी गई। विरोध में गांव के लोगों ने रविवार की सुबह कसया रोड पर जाम लगा दिया। नाराज लोग आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
आरोप है कि पुलिस ने बातचीत की कोशिश नहीं की और पहुंचते ही प्रर्दशनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। शव छोड़कर लोग भाग निकले। थानेदार ने सड़क जाम करने वालों पर केस दर्ज कराया है।
तरकुलवा के कोन्हवलिया में गंडक नदी के किनारे पुलिस की मिली भगत से बालू खनन का काम चल रहा है। गांव के श्रीप्रकाश यादव 55 किसान थे। वह अवैध खनन का विरोध कर रहे थे।
क्योंकि बालू माफिया उनके खेत का इस्तेमाल रास्ते के रूप में करते थे। उन्होंने कई बार शिकायत पुलिस प्रशासन से की। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। शनिवार की शाम बाबू माफिया ट्राली पर अवैध बालू लदवा रहे थे।
घाट पर श्रीप्रकाश पहुंचे और विरोध करने लगे। आरोप है कि बालू माफियों ने पीटकर श्रीप्रकाश की हत्या कर दी। जानकारी होते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पुलिस को दी। लेकिन पुलिस मौके पर नहीं गई।
गांव में तनाव के बाद आरोपी भाग निकले। पुलिस घटना को आपसी रंजिश बताने लगी। रविवार की मृतक के घरवाले शव लेकर कोन्हवलिया चौराहे पर पहुंचे। बीच सड़कर पर शव रखकर उन्होंने कसया रोड पर जाम लगा दिया।
तरकुलवा पुलिस मौके पर पहुंची और प्रर्दशन कर रहे लोगों की पिटाई करते हुए शव को कब्जे में ले लिया। श्रीप्रकाश के बेटे सोनू की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद के खिलाफ गैर इरादत हत्या का केस दर्ज किया गया है।
इधर, तरकुलवा थानाध्यक्ष आलोक सोनी ने सड़क जाम करने के मामले में मृतक के पांच घरवालों को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया है। एसओ ने कहा कि मारपीट के दौरान बुजुर्ग की जान गई है। हत्या की बात गलत है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।