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मेरठ पुलिस के हत्थे चढ़ गया नरपिशाच

Mon, 19 Oct 2015 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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छह साल के मासूम मानिक को जिंदा करने का ढोंग रचाने और उसके शव के साथ वहशियाना हरकतें करने के आरोपी तांत्रिक को ब्रह्मपुरी पुलिस ने रविवार को दबोच लिया। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि उसने अंधविश्वास का यह जाल अवतार फिल्म देखकर फैलाया था। पुलिस ने उसे रविवार को ही जेल भेज दिया।
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यह था मामला
शिव शक्ति नगर, ब्रह्मपुरी निवासी व्यापारी कपिल मित्तल के पुत्र मानिक (6) की छह अक्तूबर को अस्पताल में बुखार से मौत हो गई थी। सूरजकुंड स्थित शमशान घाट में शव को दफनाने से पहले ही कपिल के रिश्तेदार संजय बंसल ने वहां पहुंचकर अंधविश्वास का जाल फैला दिया था। सिर पर माता आने की बात कहकर उसने दावा किया था कि मानिक अभी मरा नहीं है। उसकी उम्र तो 52 साल है। अगर शव को घर ले जाकर 72 घंटे पूजापाठ की जाएगी तो मानिक फिर से जी उठेगा।

शव से की वहशियाना हरकतें
कपिल मित्तल ने संजय पर आरोप लगाया था कि उसने पूजापाठ के नाम पर मानिक की मृत देह और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ किया। कथित पूजा के नाम पर मानिक के  मुंह में अपने मुंह से पानी डाला था। मुंह में अंगुली डालकर खून निकालकर उसको चाटा। थप्पड़ जड़े थे। मानिक के सिर के बाल पकड़कर उठाया। उसके शरीर के सारे जोड़ तोड़ दिए थे, जिससे उसका शरीर मुलायम लगता रहे। मानिक के शरीर के ऊपर चढ़कर बैठ जाते थे, तथा कोई क्रिया करते थे।
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हो गया था फरार
तीन दिनों तक संजय, उसका भाई ब्रजेश, दोनों की पत्नियां और भतीजा चेतन कपिल के घर में ढोंग रचते रहे। जब मानिक जीवित नहीं हुआ तो 10 अक्तूबर की रात सभी आरोपी वहां से फरार हो गए थे। 11 अक्तूबर को कपिल ने ब्रह्मपुरी थाने में इन सभी आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

अब पकड़ा तो फिर ढोंग रचा
एसओ ब्रह्मपुरी यादराम यादव के अनुसार रविवार को आरोपी संजय को मेट्रो प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने राजेश खन्ना अभिनीत फिल्म अवतार फिल्म देखी थी। जिसमें फिल्म का नायक अपने मृत बेटे को लेकर वैष्णो देवी मंदिर गया था। वहां मां की जोत के सामने बच्चे को रखने पर उसमें जान आ गई थी। तभी संजय को यकीन हुआ था कि ऐसा करने से मृत बच्चे में जान आ सकती है। बकौल संजय, उसे यकीन था कि जोत के सामने रखकर पूजा करने से मानिक जिंदा हो सकता है।

पिटने के डर से भागा
तीन दिन बाद भी जब मानिक में जान नहीं आई तो वह डर गया था। उसने कबूल किया कि उसे लगा कि अब वहां मौजूद लोग उसे जमकर पीटेंगे। इसी डर से वह फरार हो गया था। मासूम के शव के साथ वहशियाना हरकतों के सवालों का उसके पास कोई जवाब नहीं था।
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