देवरिया के जिला कारागार में बंदियों से मुलाकात कर घर लौट रहे परिजनों के चेहरे बता रहे थे कि जेल में सब कुछ सामान्य नहीं है। लोगों की नम आंखें, खौफजदा चेहरे जेल में हुए विवाद के बाद बर्बरता की कहानी बता रहे थे।
परिजन पुलिस के साथ उन बंदियों को भी कोस रहे थे जो जेल में उत्पात मचाने के सूत्रधार थे। परिजन पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।
सुकई परसिया के रहने वाले सोनू यादव अपने करीबी से मिलकर निकले तो उनके आंखों में आंसू थे। साथ में बुजुर्ग महिला जेल में बंदी के साथ हुए दुर्व्यवहार की बात कहकर फफक पड़ी।
सोनू से बंदियों से बाहर संदेश भेजवाया कि जेल में करीब दौ सौ बंदियों मारपीट में घायल है। जिसमें से अधिक उठ बैठ नहीं पा रहे हैं। किसी को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सोनू यादव का आरोप है कि जेल में मंगलवार की शाम को कई बंदियों के साथ मारपीट की गई। सोनूघाट के संदीप का कहना है कि उनके भी बंदी के साथ पुलिस वालों ने मारपीट किया है। बंदी को भोजन तक नहीं दिया जा रहा है। कइयों के चेहरे बिगड़ गए हैं।