ग्रामीणों ने सड़क पर शव रख लगाया जाम
तरवां थाने के खरिहानी बाजार में जमीन विवाद में हुई फायरिंग में घायल छोटे भाई की इलाज के दौरान बुधवार की भोर में मौत हो गई। जबकि बड़ा भाई अभी भी वाराणसी के निजी अस्पताल में संघर्ष कर रहा है। ऐहतियातन दूसरे दिन भी मौके पर फोर्स तैनात है। उधर, शाम को छोटे भाई का शव गांव पहुंचने पर ग्रामीण सड़क पर शव रखकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर देर शाम चिरैयाकोट-मेहनाजपुर मार्ग पर जाम लगा दिए। घटना के पीछे के कारणों की शुरू हुई जांच में थाने के सिपाही और दरोगाओं के बीच अहम का टकराव भी एक प्रमुख कारण है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है
खरिहानी गांव निवासी अजीत विश्वकर्मा और उसके पट्टीदार के बीच खरिहानी बाजार में स्थित भवन का विवाद चलता है लेकिन वर्षों से मामला विवादित और न्यायालय में विचाराधीन होने की वजह से भवन का निर्माण रुका पड़ा था। सोमवार की शाम से अजीत ने पुन: निर्माण शुरू कर दिया। मंगलवार को भी निर्माण चालू रखने से नाराज विपक्षियों ने गोली मार दी।
गोली अजीत के सीने और छोटे भाई अजय के पेट में लगी। इन दोनों का वाराणसी के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार की भोर में अजय की मौत हो गई। जबकि अजीत का इलाज चल रहा है। एक बेटा और चार बेटियों के पिता अजय की मौत के बाद क्षेत्र में लोग गमशुदा हैं। दरवाजे पर मौजूद नजदीकी रिश्तेदारों की माने तो चार दिन पूर्व अजीत निर्माण के लिए तरवां थाने पर संपर्क किया और दरोगा के इशारे पर वह काम करवा रहा था लेकिन उक्त दरोगा की बात अन्य मातहतों को रास नहीं आई और उन सभी ने विरोधियों को शह दे दिया।
जिसका परिणाम इस परिवार को भुगतना पड़ रहा है। रिश्तेदार ने बताया कि इस दौरान थाने पर अच्छी खासी रकम भी दी गई थी। एसपी दयानंद मिश्रा ने बताया कि घटना के संबंध में अभी रिपोर्ट नहीं दर्ज है। ऐहतियातन वहां फोर्स तैनात की गई है। पुलिस की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की तलाश हो रही है।