रेलवे लाइन के किनारे शनिवार को युवक की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। लार और मईल पुलिस के सीमा विवाद में उलझने से आठ घंटे तक लाश पड़ी रही।
बाद में मईल पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा। पुलिस ने लोगों के सहयोग से लाश की पहचान कर ली है।
मईल के कुंडौली गांव निवासी नसीर का 22 वर्षीय बेटा रियाजुद्दीन उर्फ गूंगा की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। सुबह करीब पांच बजे घर से शौच के लिए निकला।
लार थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के समीप रेलवे लाइन के किनारे खून से लथपथ गूंगा की लाश लोगों ने सुबह करीब 7.30 बजे देखी और लार पुलिस को सूचना दी।
किसी ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत की आशंका जताई जा रही है। सूचना पर लार पुलिस पहुंच गई। लार पुलिस का कहना था कि घटनास्थल मईल थाना क्षेत्र में पड़ता है।
लार पुलिस ने मईल पुलिस को इसकी जानकारी दी। लेकिन मईल एसओ घटनास्थाल लार बताकर टालमटोल करने लगे। पुलिस की संवेदनहीनता के चलते शव शाम तीन बजे तक मौके पर पड़ा रहा।
मामला जब एसपी तक पहुंचा तो मईल पुलिस ने लाश को पीएम के लिए भेजा। थाने पर पहुंचे घर वालों ने युवक की पहचान गूंगा के रूप में की।
इस बाबत मईल एसओ जेपी सिंह यादव ने बताया कि मुझे लगा कि घटनास्थल लार में पड़ेगा। इस लिए शव पीएम को भेजने में देरी हो गई।