देवरिया शहर के सिविल लाइंस रोड स्थित एक चिट फंड कंपनी निवेशकों का करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई। निवेशकों और एजेंटों ने ठगी का आरोप लगाया है। कंपनी के लोगों ने गुपचुप तरीके से कार्यालय बंद कर दिया है। पीड़ितों ने सेबी, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय नई दिल्ली, वित्त मंत्रालय भारत सरकार के अलावा पुलिस उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
निवेशकों का कहना है कि कोलकाता की एक चिट फंड कंपनी ने नाम में मामूली फेरबदल कर पांच सालों में चार कंपनियों का ग्वालियर, चंडीगढ़, कोलकाता से रजिस्ट्रेशन कराया। कंपनी ने जिले के सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कराया गया। तीन कंपनियों ने देवरिया, पथरदेवा, सलेमपुर, रुद्रपुर और बरहज में ऋण पत्र के जरिए करोड़ों रुपये लोगों से जमा कराया। चौथी कंपनी ने मासिक जमा योजना में प्रतिमाह करोड़ों रुपये जमा कराया। कंपनी की ओर से पूर्व में भुगतान समय से किया जाता रहा। लेकिन दिसंबर 15 से कंपनी की देनदारी बढ़ने पर मुख्यालय से कोई फंड नहीं भेजा जा रहा था। जिसके कारण हर माह निवेशकों की मिच्योरटी बढ़ती गई। लोगों ने सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर हो हल्ला किया तो कंपनी के लोगों ने कार्यालय बंद दिया।
कई दिनों से निवेशक और एजेंट चक्कर लगा रहे हैं। निवेशकों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से रुपये की बचत कर बेटे बेटियों की शादी के लिए कंपनी में रुपये जमा किया। रुपये न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। ऐसी स्थिति में वह आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। खुखुंदू के शाहपुर निवासी एजेंट दिवाकर पांडेय, कुशहरी के गुडडू गुप्ता, योगेंद्र प्रजापति, रामनाथ देवरिया के संपूर्णानंद समेत करीब 50 एजेंट ने शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।