गौरीबाजार, देवरिया। छात्रा के आग लगाकर जान देने के मामले में पुलिस ने प्रबंधक समेत छह नामजद के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पोस्टमार्टम के बाद परिवारवालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गौरीबाजार क्षेत्र के एक गांव में शनिवार शाम बदनामी के डर से 12वीं की छात्रा ने कमरा बंद कर आग लगा लिया था। जब तक परिवार और गांव के लोग दरवाजा तोड़कर बाहर निकालते वह गंभीर रूप से जल गई थी। थोड़ी ही देर बाद उसकी मौत हो गई। छात्रा अजोरा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भटौली बुजुर्ग में पढ़ती थी।
स्कूल प्रबंधक पप्पू यादव के बेटे प्रदीप यादव से उसकी नजदीकी थी। छात्रा के छोटे भाई ने इसका विरोध किया तो प्रदीप ने अपने सहयोगियों संग उसकी पिटाई कर दी। उसके घर भी पहुंच गया था। इससे आहत होकर छात्रा ने अपने को आग के हवाले कर दिया था। मृतका की दादी लचिया देवी की तहरीर पर पुलिस ने विद्यालय के प्रबंधक पप्पू यादव, उनके भाई अमरनाथ यादव, पुत्र प्रदीप यादव, गामा यादव, श्रीराम राजभर निवासी गौरी बुजुर्ग और सुदामा यादव निवासी कालाबन के विरुद्ध बलवा, मारपीट, जान-माल की धमकी, छेड़छाड़ व पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इधर रविवार को पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव गांव पहुंचा।
परिवारवालों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। गांववालों में स्कूल के जिम्मेदारों के प्रति गुस्सा है। गांववालों का कहना है कि पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन अभी तक एक भी आरोपी उनकी पकड़ में नहीं आया है। थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।