शनिवार की शाम कुकुरघांटी में बम मारकर सुमन यादव की हत्या किए जाने के बाद एसओ की लापरवाही उजागर होने पर एसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आधी रात को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रात को पोस्टमार्टम के बाद रविवार की सुबह शव लेकर घरवाले गांव पहुंचे और भिंगारीबाजार-भटनी मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब दस घंटे तक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होती रही। विभिन्न राजनैतिक संगठनों के लोगों ने मौके पर पहुंचकर परिवारवालों का समर्थन किया। प्रदर्शन कर रहे लोग पीड़ित परिवार की सुरक्षा, हत्यारोपियों की गिरफ्तारी, एसओ के निलंबन, आर्थिक मदद देने और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजकेश्वर के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहा। हत्या की वजह पुरानी अदावत बताई जा रही है। घटना में पांच लोग नामजद हुए हैं।खामपार, कुकुरघांटी के सुमन यादव की बाइक सवार बदमाशों ने शनिवार की शाम बम मारकर हत्या कर दी थी। दो माह पहले भाई महेन्द्र यादव की हत्या में सुमन यादव वादी थे। केस की पैरवी के साथ घर की पूरी जिम्मेदारी उन पर थी। आरोपियों की ओर से लगातार धमकी मिलने के बाद उन्होंने थाने में शिकायत कर रखी थी। कोई कार्रवाई नहीं होने से परिवार के लोग काफी परेशान थे। हत्या के बाद परिवार वाले सीधे थानेदार को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। हत्या के बाद शनिवार की रात दस बजे तक घरवाले शव रखकर प्रदर्शन करते रहे। समझा बुझाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। एसपी पंकज कुमार आधी रात को मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। थानेदार की लापरवाही उजागर होने पर तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। मामला शांत हुआ। डाक्टरों के पैनल ने पोसटमार्टम किया। रविवार की सुबह छह बजे के करीब परिवार के लोग शव लेकर गांव पहुंचे और कुकुरघांटी चौराहे पर जाम लगा दिया। मौके पर सीओ भाटपाररानी, सीओ सिटी, सलेमपुर, तीन एसडीएम के अलावा करीब दस थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। इस दौरान सभाकुंवर, अरविंद सहाय, अनिरूद्व कुशवाहा, नीरज शाही, छेदी मास्टर अकेला, सत्यदेव यादव, आनंद प्रकाश भारती, गुड्डू सिंह, जेपी यादव और जनार्दन कुशवाहा मौके पर पहुंच गए और परिवार के साथ धरने पर बैठक गए। लोगों की मांग थी कि थानाध्यक्ष का तत्काल निलंबन, परिवार की सुरक्षा, हत्यारों की गिरफ्तारी, दस लाख की आर्थिक मदद, परिवार को सरकारी नौकरी, लाइसेंसी बंदूक और विधवा पेंशन दिया जाए। शाम पांच बजे कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर लोगों ने धरना खत्म किया।