देवरिया। जेठानी को जलाकर मारने के जुर्म में अपर जिला जज की कोर्ट ने देवर और देवरानी को उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन अधिकारी हैदर अली ने बताया कि सलेमपुर के बिरजापुर की मुन्नी देवी का विवाह बरहज के भैदवा गांव निवासी हरेराम पुत्र जुड़ावन के साथ घटना के दस साल पूर्व हुआ था। महिला का देवर पप्पू पुत्र जुड़ावन भाभी को गलत निगाह से देखता था।
कई बार विवाद भी हुआ। मुन्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। इसकी शिकायत उसने मायके वालों से की। देवर पप्पू ने उसकी पिटाई कर दी। महिला ने डॉक्टरी मुआयना कराया। 23 दिसंबर-2013 को नौ बजे देवर पप्पू, देवरानी मैना देवी पत्नी पप्पू, सास मतिरानी ने मुन्नी देवी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।
गांववालों ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई। मुन्नी के भाई जयशंकर ने तीनों के खिलाफ बरहज थाने में हत्या और दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया। विवेचना के दौरान आरोपी सास मतिरानी का नाम विवेचक ने निकाल दिया।
उभयपक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने पप्पू और उसकी पत्नी मैना देवी को हत्या के जुर्म में उम्रकैद, दहेज उत्पीड़न के जुर्म में तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।