महदहा चौराहे पर सड़क जाम के दौरान विलाप करती बालेन्द्र के गांव की महिलाएं।
सलेमपुर में होली के दिन गोली चलने के बाद पथराव में घायल बालेंद्र की मौत से नाराज लोगों ने महदहा चौराहे पर लाश रखकर जाम कर दिया। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और नाराज लोगों के बीच नोंकझोंक भी हुई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान देवरिया-सलेमपुर मुख्य मार्ग पर चार घंटे आवागमन ठप रहा।
रजडीहा गांव में होली के दिन तमंचे से अचानक गोली दग जाने से तीन लोग घायल हो गए थे। इसको लेकर दो पक्षों के ईंट पत्थर चले। इसमें बीए के छात्र बालेन्द्र यादव समेत दस लोग घायल हो गए थे। लखनऊ पीजीआई में भर्ती बालेन्द्र यादव की शनिवार की रात मौत हो गई। घर पर पहुंची लाश को देख गांव वाले उग्र हो गए और सुबह करीब छह बजे महदहां चौराहा पर लाश को रखकर सड़क जाम कर दिया।
जाम की सूचना पर एएसडीएम, तहसीलदार कई थाने की फोर्स लेकर पहुंच गए। 10 बजे पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्येन्द्र कुमार से लोगों ने पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये आर्थिक सहायता, कोतवाली में तैनात एक एसआई को निलंबित करने, गांव में सुरक्षा बढ़ाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया।