देवरिया के कसया ढाले के पास प्रशासन की ओर से जबरन मूर्ति विसर्जन कराने की जानकारी होने पर लोगों ने सड़क किया।
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देवरिया। रामगुलाम टोले की मूर्ति को जबरदस्ती विसर्जन कराए जाने से नाराज लोगों ने कसया ढाले पर जाम लगा दिया। जिससे यातायात बंद हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ और कोतवाल ने मान मनौव्वल की कोशिश की। थोड़ी ही देर में मामला बिगड़ गया। फिलहाल आयोजक के आने से स्थिति सामान्य हो पाई।
रामगुलाम मोहल्ले में सभी मूर्तियों के विसर्जन होने के बाद रामगुलाम टोले की मूर्तियों को निकाला जाता है। जुलूस में काफी संख्या में लोगों की शामिल होते हैं। इस बार पुलिस पहले से सतर्क थी।
आयोजक मंगल सिंह से कई बार संपर्क कर चुकी थी। शुक्रवार को मूर्ति का विसर्जन होना था। लेकिन बुधवार की रात ढाई बजे के करीब रामगुलाम टोले की मूर्ति का विसर्जन कर दिया गया। यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई। सुबह होते ही सैकड़ों लोग मोहल्ले में पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि पुलिस प्रशासन जबरदस्ती मूर्ति का विसर्जन करा दिया। सीओ अजय सिंह कोतवाल अनिल पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को मनाने लगे। थोड़ी देर बात आयोजक भी पहुंचे उन्होंने लोगों को कहा कि पुलिस के दबाव में विसर्जन नहीं हुआ, जिसके बाद चले गए। दुर्गा विसर्जन के दौरान पुलिस की सख्ती अपने चरम पर थी। हाथ में लाठी लेकर एएसपी एनके सिंह तेवर में दिखे। सिविल लाइंस रोड पर पुलिस की सख्ती से जाम लग गया।
मूर्ति विसर्जन पर लगे डीजे को पुलिस ने नीचे उतरवा लिया। कई जगहों पर नोंकझोंक भी हुई। कई गाड़ियों को पुलिस ने वापस लौटाने की चेतावनी दी। इस दौरान सचिन सिंह, सीओ अजय सिंह, कोतवाल अनिल पांडेय के अलावा काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कई दिनों से लगी थी। शहर में किसी भी मूर्ति विसर्जन पर डीजे नहीं बजा। हर मूर्ति पर एक पुलिसकर्मी की तैनाती की गई थी। चौकी प्रभारी अपने क्षेत्र के आयोजकों के संपर्क में थे। नतीजा पुलिस के लिए काफी संतोषजनक रहा।