रामनाथ देवरिया में मकान खाली कराए जाने पर लोगो ने शहीद गेट के सामने मुख्य मार्ग जाम किया इस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया।
रामनाथ देवरिया में मकान खाली कराए जाने से नाराज लोगों ने शहीद गेट पर पहुंचकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। नाराज लोगों को सीओ सुशील सिंह से समझाने का प्रयास किया। इसी बीच किसी ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों को पीटकर पुलिस ने जाम को खुलवा दिया। मामले को शांत कराने के लिए मौके पर क्यूआरटी के अलावा अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई। विवाद के बाद नाराज लोगों ने डीएम आवास के सामने धरने पर बैठ गए।
शहर के रामनाथ देवरिया निवासी मोहन राजभर पान की दुकान चलाते है। उनका जमीन को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा है। मामला कोर्ट में था। दूसरे पक्ष के लोग मकान खाली कराने का कोर्ट से आर्डर ले रखा है। बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में मकान को खाली करा दिया गया। इस बात से मोहन राजभर के घरवाले नाराज हो गए। शाम साढ़े तीन बजे के करीब सुमन, नवीन, स्वामीनाथ, छट्ठू सहित मोहल्ले के कई लोगों ने शहीद गेट के पास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना के बाद कोतवाली पुलिस फोर्स के साथ पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी। सीओ सुशील सिंह और ट्रैफिक दरोगा मोहन यादव ने जाम खुलवाने का प्रयास किया।
नाराज लोगों को पुलिस समझाने का प्रयास कर रही थी। इसी बीच कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद नाराज सीओ ने लाठीचार्ज शुरू करा दिया। पुलिस की लाठी लगने से योगेन्द्र, कृष्णराजभर, हरिशचंद सहित कई लोग घायल हो गए। बीस मीनट बाद पुलिस ने रास्ते को खाली करा दिया। सुरक्षा के लिए शहीद गेट पर अतिरिक्त फोर्स को तैनात कर दिया गया। मकान खाली होने से नाराज लोग कुछ देर बाद डीएम आवास पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।