देवरिया। चुनाव से पहले बदमाशों को सलाखों के पीछे करने वाले दावे को पुलिस महकमे के लोग ही बट्टा लगा रहे हैं। बुधवार की रात दबिश के दौरान पकड़े गए शातिर बदमाश को लॉकअप में बैठाने के बाद छोड़ना पड़ा। एक माह पहले जिला बदर हुए बदमाश को कोतवाली पुलिस नोटिस तक तामिल नहीं करा पाई। शातिर के सामने बैकफुट हुई पुलिस कागजी कार्रवाई को दुहाई का आधार बता रही है।
जबकि शातिर को छोड़े के पीछे बड़ा खेल बताय जा रहा है। वहीं घर में सोते मिले दो जिला बदर बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई कर दी है। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को अपराधियों के खिलाफ छापामारी की। पुलिस की एक टीम ने सोंदा गांव में दबिश दी। जिला बदर बदमाश अवधेश यादव घर में सोते मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। रात में ही अमर ज्योति चौराहा निवासी गुड्डूू गांधी के घर पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार किया। पुलिस के मुखबिर कहे जाने वाले शातिर गुड्ड़ूू गांधी पर दर्ज भर मुकदमे है।
21 दिसंबर को उसे जिला बदर किया गया था। लेकिन एक माह बाद भी पुलिस उसे एक नोटिस तक तामिल नहीं करा पाई। रातभर कोतवाली में रहने के बाद गांधी को गुरुवार की देर शाम छोड़ दिया गया। वैसे तो रसूखदार की पैरवी में कई सफेदपोश लगे हुए थे। लेकिन कागजों की दुहाई देकर कोतवाली पुलिस ने बदमाश को छोड़ की बात कह रही है। इंस्पेक्टर विजय सिंह गौर ने कहा कि दबिश के दौरान दोनों को पकड़ा गया था। वे जिला बदर है। गुड्डूू गांधी को नोटिस तामिल नहीं करा पाई थी।
वहीं सलेमपुर पुलिस ने घर में सो रहे जिला बदर बदमाश को गिरफ्तार किया। दबिश के दौरान भठवा धर्मपुर निवासी व्यास गौड़ पकड़ा गया। उसके खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने चालान कर दिया। जबकि लार थाने से जिला बदर हुए बदमाश मंगलवार को कचहरी में देखे गए थे। दोनों सगे भाई हैं और राजनीति में सक्रिय हैं।