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प्रधान प्रत्याशियों के बीच मारपीट

Wed, 02 Dec 2015 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/देवरिया
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चुनावी रंजिश को लेकर देवरिया मीर और सुकरौली टोले के लोगों में जमकर मारपीट हुई। विवाद में प्रधान प्रत्याशी और उनके समर्थक भी शामिल रहे। हंगामा कर रहे लोगों ने वाहनों का शीशा तोड़ा और रेल लाइन जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को लाठी चलाकर खदेड़ दिया। 16 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। जिसमें प्रधान पद के कई प्रत्याशी शामिल है। सभी को शांतिभंग में चालान किया गया।कोतवाली के देवरिया मीर गांव में मंगलवार की शाम मतगणना के बाद सभी प्रत्याशियों ने एक दूसरे पर फर्जी मतदान का आरोप लगाकर हंगामा किया था। इस दौरान मारपीट में कई लोग घायल हो गए थे। कई गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। देवरिया मीर गांव के सुकरौली टोला के लोगों का आरोप था कि शाम को देवरिया मीर बूथ पर फर्जी वोटिंग की गई थी। इस बात को लेकर लोगों में नाराजगी थी। बुधवार की सुबह प्रधान पद के एक प्रत्याशी का स्कूली वाहन नहर के रास्ते बच्चों को लेने कहीं जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने वाहन को रोक लिया और चालक की पिटाई शुरू कर दी। इस बात की जानकारी होने पर दूसरे पक्ष के लोग पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। विवाद रेल लाइन तक पहुंच गया। रेल लाइन से लोगों ने एक दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। मारपीट के बाद रेल लाइन पर हंगामे की सूचना पाकर पहुंचे शहर कोतवाल गोपाल त्रिपाठी ने हंगामा कर रहे लोगों को दौड़ा दिया। लाठी चलाकर उपद्रवियों को पकड़ा गया। पुलिस ने प्रधान पद के प्रत्याशी अजय सिंह, गुलाब मल्ल और भीम प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। प्रधान पद के दूसरे प्रत्याशी श्याम बिहारी मौके से फरार हो गए। तनाव के बाद एक उप निरीक्षक चार सिपाहियों की देख देख में गांव में पीएसी लगा दी गई। पुलिस ने 16 लोगों को शांतिभंग में चालान कर दिया। जमानत खरिज होने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। क्योकि कोतवाल ने अपनी रिपोर्ट में अवगत कराया था कि अगर तत्काल आरोपियों को छोड़ा जाएगा तो विवाद के बाद गांव में हत्या की संभावना बढ़ जाएगी। कोतवाल गोलात्र त्रिपाठी ने बताया कि उपद्रव कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया है। लाल चेतावनी कार्ड के बाद लोगों ने हंगामा किया। ऐसे में 34 लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है।
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