शुभम की मौत के बाद रोती हुई मां।
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खुखुंदू। चार माह के मासूम की मौत के बाद परिजनों ने क्लीनिक पर बवाल किया। मामला शनिवार की देर रात का है। पीड़ित परिवार के लोग मासूम का शव लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। उधर, क्लीनिक के लोगों ने भी तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है।
थानाक्षेत्र के मझवलिया गांव निवासी रामदुलारे कुशवाहा की चौराहे पर साइकिल की दुकान है। शनिवार की दोपहर उसके चार माह के बच्चे शुभम को निमोनिया की शिकायत हुई। पत्नी अनुराधा अपने देवर रामनिवास कुशवाहा के साथ खुखुंदू के एक निजी क्लीनिक पर पहुंची। डॉक्टर ने कुछ देर बाद दवा देकर छोड़ दिया। बच्चे की हालत बिगड़ने पर पुन: दोनों शाम को बच्चे को लेकर क्लीनिक पर पहुंचे। फिर बच्चे को एक इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया गया। रामदुलारे का आरोप है कि बच्चे को लेकर पत्नी अभी कुछ दूर ही गई थी कि उसके नाक से खून आ गया और सांस रुक गई। आनन-फानन बच्चे को लेकर फिर क्लीनिक पर पहुंचे तो डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। अनुराधा के चीखने-चिल्लाने पर वहां के कुछ स्टाफ ने सहानुभूति की जगह दवा और पर्ची छीनकर मेरे भाई रामनिवास की पिटाई कर दी। पत्नी, भाई को धक्का देकर क्लीनिक से भगा दिया गया। उधर, जानकारी होने पर सैकड़ों की संख्या में गांव की महिलाएं और पुरुष शव लेकर थाने पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रामदुलारे ने डॉक्टर और कुछ स्टाफ पर मारपीट, लापरवाही के चलते बच्चे की मौत का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। उधर, क्लीनिक पर भी खड़े एक चार पहिया वाहन में तोड़फोड़ करने का आरोप है। प्रभारी एसओ मनोज यादव ने कहा कि तहरीर मिली है। जांचकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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बड़ी मन्नतों के बाद पैदा हुआ था शुभम
खुखुंदू। तीन बेटियों के बाद जगह-जगह मन्नत पर शुभम पैदा हुआ था। चार माह पूर्व शुभम के जन्म होने पर घर में खुशहाली थी। चारों तरफ जश्न का माहौल था। उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। रामदुलारे की तीन बेटी खुशबू (5), अर्चना (3), शिवांगी डेढ़ वर्ष के बाद जब घर में लड़का पैदा हुआ तो मानों मां अनुराधा को दुनिया की सारी खुशियां ही मिल गई। पिता रामदुलारे को भी बेटा होने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने मिठाई बांटकर सबके साथ खुशियां मनाई थी, लेकिन उसे क्या पता था कि यह खुशी कुछ महीने में ही दुख में बदल जाएगी। शनिवार की देर शाम घर का इकलौता चिराग बुझ गया। पल भर में ही सारी खुशियां गम में बदल गईं। मां अनुराधा घटना के बाद बेसुध पड़ी हैं। मासूम की मौत से गांव का माहौल गमगीन था।