व्यवसायी के घर डकैती मामले में दूसरे दिन भी पीड़ित परिवार के सदस्यों के चेहरे पर घटना का खौफ दिख रहा था। डकैतों के हमले से घायल महिला और बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उधर 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस मुकाम पर नहीं पहुंच सकी है और पूछताछ व जांच में उलझी हुई है। पीड़ित के घर बृहस्पतिवार को पहुंचे एएसपी भी वारदात को डकैती मानने को तैयार नहीं हैं। इससे पहले बुधवार को पुलिस ने मामले में चोरी और मारपीट का केस दर्ज किया था। कोतवाली क्षेत्र के जमुआ नंबर दो गांव निवासी व्यवसायी हाजी शाहजहां आलम के घर मंगलवार की रात डंडे व असलहे से लैस डकैतों ने धावा बोल दिया। करीब 12 की संख्या में कच्छा बनियान पहने डकैतों ने घर में आधे घंटे तक घर में तांडव किया। लूटपाट का विरोध करने पर डकैतों ने लुबाना खातून का मारकर सिर फोड़ दिया और चांद की बेटी करिश्मा का हाथ तोड़ दिया। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्यों को भी पीटा। डकैतों ने घर की महिलाओं के शरीर से सभी आभूषण उतरवा लिया। इसके अलावा 25 हजार नगदी और करीब पांच लाख जेवर लूट ले गए। पुलिस ने इस अपराध को हल्के में लेते हुए चोरी और मारपीट का केस दर्ज कर लिया। दूसरे दिन व्यवसायी के घर पहुंचे एएसपी एनके सिंह, क्राइम ब्रांच की टीम, सीओ और कोतवाल ने मौके का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से पूछताछ की। एएसपी ने पीड़ित परिवार से अविलंब घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया।