रामपुर कारखाना में पड़ोसियों ने पुरानी रंजिश में एक बच्चे की अपहरण कर हत्या कर दी। उसे पांच दिन पहले घर के दरवाजे से अगवा किया गया था और शव गांव में शौचालय की सूखी टंकी में मिला। हत्यारों ने घरवालों को गुमराह करने के लिए बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस इस संबंध में महिला सहित पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।रामपुर कारखाना के मुंडेरा उर्फ देउरवां निवासी सुनील शर्मा का पांच वर्षीय बेटा आलोक 18 दिसंबर की शाम दरवाजे पर खेलते समय लापता हो गया। परिवारवालों ने उसे काफी तलाशा, पर कोई पता नहीं चला। रात करीब आठ बजे सुनील शर्मा के मोबाइल पर किसी ने फोन कर आलोक को अगवा करने की बात बताई और बीस लाख रुपये फिरौती मांगी। उसने पुलिस को सूचना देने पर हत्या करने की धमकी दी। जिससे परिवार के लोग घबरा गए। दूसरे दिन भी फिरौती की कॉल आई। रविवार को घबराए परिवारवालों ने बच्चे के अपहरण और फिरौती की जानकारी पुलिस को दी। जिस पर पुलिस ने मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया, जिससे फिरौती मांगने वाले की लोकेशन देसही देवरिया इलाके में मिली। अपहर्ता गांव के आसपास रहने वाले होने और बच्चे की सुरक्षा के मद्देनजर कई सिपाही सादे कपड़ों में मुंडेरा और आसपास के गांव में दबिश देने लगे। मंगलवार सुबह पुलिस ने जब फिरौती वाले नंबर को ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन मुंडेरा गांव में मिली। इस पर सीओ सुशील सिंह, एसओ देवेंद्र विक्रम सिंह और तीन थाने की फोर्स और पीएसी के साथ गांव पहुंचे। तलाशी के दौरान बच्चे की लाश गांव के एक व्यक्ति के शौचालय की सूखी पड़ी टंकी में मिली। बच्चे के मुंह से खून निकल रहा था। आशंका जताई जा रही थी कि गला दबाकर हत्या की गई थी। शव मिलने के बाद गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने एक महिला सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उन्होंने पुरानी रंजिश में हत्या की बात कबूल ली है। उन्होंने गुमराह करने के लिए फिरौती की झूठी कहानी रचने की बात भी स्वीकारी।