जान का खतरा बता नहीं जमा कर रहे असलहा
27 लोगों ने छूट को दिए आवेदन
अब स्क्रीनिंग कमेटी बैठक कर करेगी फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। ‘साहब, हम असलहा नहीं जमा करेंगे, हमें जान का खतरा है’ इस अनुरोध के साथ 27 लोगों के आवेदन स्क्रीनिंग कमेटी के पास आए हैं। अब स्क्रीनिंग कमेटी बैठक में तय करेगी कि प्रार्थना-पत्र देने वालों के असलहा जमा कराए जाएंगे अथवा नहीं।
आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के बाद प्रशासन ने लाइसेंसी असलहों को जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लाइसेंस धारकों को फोन पर अथवा घर पहुंचकर असलहा जमा करने को कहा जा रहा है। अब तक लगभग ढाई हजार असलहे जमा करा लिए गए हैं। तमाम लोगों ने स्वेच्छा से अपना असलहा जमा कर दिया है। कुछ ऐसे लोग हैं जो असलहा जमा नहीं करना चाह रहे हैं। ऐसे लोगों ने जिला प्रशासन के पास प्रार्थना-पत्र दिया है। इसमें अधिकांश ने जान का खतरा बताते हुए असलहा जमा करने से छूट मांगी है। इनमें कुछ व्यापारी भी हैं जो असलहा जमा करने से छूट चाह रहे हैं। इसमें बनकटा इलाके में कुछ दिन पहले लूट के शिकार हुए पेट्रोल पंप मालिक भी शामिल हैं। अब स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में इन लोगों के आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा। एएसपी शिष्यपाल का कहना है कि कुछ लोगों को वास्तव में असलहे की जरूरत है। कमेटी परीक्षण के बाद ऐसे लोगों का नाम तय कर लेगी। 30 अप्रैल से पहले यह कार्य कर लिया जाएगा।
स्क्रीनिंग कमेटी में ये लोग हैं शामिल
डीजीपी ने स्क्रीनिंग कमेटी में जिलाधिकारी, एसपी और प्रभारी अधिकारी शस्त्र को नामित किया है। तीनों एक साथ बैठक कर तय करेंगे कि किसको छूट दी जाए और किसको नहीं।