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जेल में भोजन की क्वालिटी पर बंदियों का एतराज

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जेल में भोजन की क्वालिटी पर बंदियों नाराज
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सूखी रोटी और पानी जैसा दाल देने का आरोप, मेस इंचार्ज से तकरार
अतीक ने कैदियों ने बंदियों का लिया पक्ष, बैकफुट पर आया प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला कारागार में बंदियों को सूखी रोटी और पानी जैसा दाल मिल रहा है। इसको लेकर रविवार की रात बंदियों और मेस इंचार्ज के बीच तकरार हुई। इसको लेकर एक घंटे तक बैरकों में अफरातफरी का माहौल रहा।
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जिला कारागार में बंदियों को दूध और बेहतर क्वालिटी के भोजन पर लाखों रुपये खर्च हो रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और है। बंदियों को सूखी रोटी और पानी जैसा दाल खाने को मिल रहा है। इसे लेकर कई दिनों से जेल में बंदियों और जेल प्रशासन के बीच खींचतान चल रहा था। बावजूद इसके मेस इंचार्ज पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। शाम को बंदियों ने भोजन को लेकर बखेड़ा खड़ा कर दिया। विरोध करने पर मेस इंचार्ज और जेल में तैनात पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई। बाद में जिम्मेदारों के समझाने पर बंदी शांत हुए। कुछ साल पूर्व जेल में बंद कैदी सतीश सिंह जेल से सूखी रोटी लेकर न्यायालय में पहुंच गया था, जिसके बाद हंगामा खड़ा हुआ था। प्रशासन की सख्ती के बाद बीच में कुछ दिनों तक जेल के भोजन की क्वालिटी ठीक रही। पिछले कुछ माह से फिर पुराने ढर्रे पर आ गई है। सूत्रों की मानें तो जेल में बंद अतीक अहमद ने बंदियों का पक्ष लिया। मामला बढ़ता देख जेल प्रशासन बैकफुट पर आ गया और भोजन की व्यवस्था ठीक करने का आश्वासन दिया। इसके बाद बंदी शांत हुए। इस बाबत जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया कि मानक से अधिक बंदी जेल में हैं। इस लिए थोड़ी बहुत तकरार हुई थी। भोजन मानक के अनुसार दिया जाता है। समझाकर बंदियों को शांत करा दिया गया।
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