रामपुर कारखाना। थानाक्षेत्र के बभनौली गांव में बोरिंग की रखवाली कर रहे एक किसान की धारदार हथियार से घोंपकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने किसान का चेहरा गमछे से बांध दिया था। किसान के बेटे की तहरीर पर पांच नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल एक भी आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आया है।
सिरसिया नंबर एक गांव निवासी बालधर सिंह (65) का बभनौली स्थित ईंट-भट्ठा के पास खेत है। वह अपने खेत में बोरिंग करा रहे थे। सामान की रखवाली के लिए बालधर सिंह बुधवार की रात भोजन के बाद खेत में सोने चले गए। रात में किसी समय बदमाशों ने धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी। गुरुवार की भोर में छोटा बेटा जयराम सिंह उनको घर भेजने के लिए पहुंचा। जयराम ने देखा कि पिता चारपाई पर खून से लथपथ पड़े हैं। जयराम के शोर मचाने पर गांव के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। इसी दौरान किसी ने घटना की जानकारी डायल-100 और एसओ विनय सिंह को दे दी। मौके पर थानेदार, एसआई दुर्गा प्रसाद पांडेय मयफोर्स पहुंच गए। बालधर का चेहरा उनके ही गमछे से बंधा था और उनकी जांघ पर धारदार हथियार से वार किए गए थे। खून अधिक बह जाने से बालधर की मौत हो गई थी। हत्या रात दो से तीन बजे के बीच होने का अनुमान है। बालधर के बेटे जयराम सिंह की तहरीर पर ईंट-भट्ठा मालिक देवरिया शहर निवासी विशाल मल्ल समेत सिरसिया नंबर एक गांव निवासी अश्वनी ऊर्फ अवनीश सिंह, विवेक सिंह, शिवम सिंह और आशीष ऊर्फ गोलू के खिलाफ बलवा और हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में विशाल मल्ल के खिलाफ बरनई गांव में एक स्कूल प्रबंधक पर जानलेवा हमला करने का भी मुकदमा दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष विनय सिंह ने बताया मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
पुलिस की लापरवाही से हुई हत्या
खेत में सोए किसान की हत्या पुलिस की लापरवाही के कारण हुई है। इस बात की चर्चा पूरे दिन क्षेत्र में होती रही। 15 दिन पहले बालधर के बड़े बेटे हरेराम सिंह ने पट्टीदारी के बच्चों के बीच हो रहे विवाद को छुड़ा दिया था। ईंट-भट्ठा मालिक समेत पट्टीदारों को यह बात नागवार लगी थी। दो बार धमकी देने और घर पर चढ़ जाने से घबराया हरेराम आठ मई को मुंबई चला गया। किसान के बेटे जयराम ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया है कि 23 अप्रैल को अश्वनी, विशाल, विवेक और शिवम ने उसे घेरकर जान से मारने की धमकी दी थी। 10 मई को गांव के आशीष ऊर्फ गोलू ने भी जयराम को देख लेने की धमकी दी थी। सूत्रों की मानें तो 10 दिन पहले आरोपी बालधर के घर चढ़ आए थे और फायरिंग भी की थी। दोनों मामलों की सूचना थाने पर दी गई, लेकिन पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया।
मिलनसार प्रवृत्ति के थे बालधर
बालधर बहुत ही मिलनसार प्रवृत्ति के थे। बीए की पढ़ाई करने के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो खेती में ही हाथ आजमाना शुरू कर दिए। किसानी कर दो बेटों और एक बेटी को पढ़ाया-लिखाया। उनकी हत्या की जानकारी मिलते ही सिरसिया, बभनौली, मुण्डेरा मिश्र, बरईपुर लाला, कोटवा, कमधेनवा और मथुराछापर गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। सब आपस में यही चर्चा कर रहे थे कि इतने हंसमुख व्यक्ति का कौन दुश्मन हो गया कि जान ले लिया। पत्नी सीतारमणी और बेटे का रोना देखकर सांत्वना देने आए लोगों की आंखें भी नम हो गईं।