प्रधानाचार्य पर छह परिचारकों की फर्जी नियुक्ति का आरोप
गलत ढंग से कर दी छह परिचारकों की नियुक्ति
कोर्ट के आदेश के बावजूद डीआईओएस और लेखाधिकारी ने जारी कर दिया वेतन
प्रबंधक की शिकायत के बाद डीएम ने दिए जांच के आदेश
महंत त्रिवेणी पर्वत इंटर कॉलेज का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। महंत त्रिवेणी पर्वत इंटर कॉलेज विशुनपुरा बाजार के प्रबंधक ने पूर्व प्रधानाचार्य पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे छह परिचारकों की नियुक्ति करने एवं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से वेतन जारी होने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच में प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद हाईकोर्ट के रोक के आदेश के बावजूद अधिकारियों ने इनका वेतन जारी कर दिया। प्रबंधक की शिकायत पर डीएम ने डीआईओएस व लेखाधिकारी को नोटिस देकर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
कॉलेज प्रबंधक ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने डीएम को दिए शिकायत पत्र में कहा है कि वर्ष 2009 में तत्कालीन प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार गुप्ता ने फर्जी नियुक्ति समिति का गठन कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर छह परिचारकों की नियुक्ति कर ली। इसके बाद प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो गए। परिचारकों के वेतन भुगतान के बाबत जेडी गोरखपुर ने 27 मार्च 2018 को शैक्षिक योग्यता व जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन का आदेश दिया। इसके बाद प्रधानाचार्य ने जांच समिति का गठन 29 जून को किया। समिति ने 27 अगस्त को फर्जी एवं कूटरचित ढंग से दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति करने की रिपोर्ट सौंपी। तीन अक्टूबर को विधिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए इन नियुक्तियों को निरस्त कर संबंधित अधिकारियों को भी सूचित किया गया। प्रबंधक ने इस मामले में परिचारकों एवं नियुक्ति समिति के अध्यक्ष व सदस्यों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर बघौचघाट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। गिरफ्तारी से बचने को परिचारकों ने हाईकोर्ट में अपील की। कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं देते हुए विवेचक को आदेश दिया कि दस्तावेजों की जांच कर फर्जी पाए जाने पर कार्रवाई करें। इस निर्णय की सूचना डीआईओएस एवं लेखाधिकारी को दी गई। इन आदेशों के बावजूद डीआईओएस ने परिचारकों को अपने कार्यालय में संबद्ध रखा और बीते 18 मार्च को वेतन भुगतान का आदेश दे दिया। प्रार्थी ने साक्ष्यों सहित अपनी आपत्ति इस पर दर्ज कराई। इसके बावजूद लेखाधिकारी ने वेतन भुुगतान की संस्तुति करते हुए वेतन बिल वरिष्ठ कोषाधिकारी के यहां उपलब्ध करा दिया। इसके विरोध में प्रबंधक की शिकायत पर डीएम ने दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
प्रबंधक ने छह परिचारकों को ज्वाइन तो कराया नहीं और उनकी सेवा समाप्त कर दी। पूर्व प्रधानाचार्य ने इनकी नियुक्ति की थी। प्रबंधक को सक्षम अधिकारी जेडी के यहां अपील करना चाहिए था। जेडी के आदेश पर ही छह परिचारकों को वेतन आहरित करने का निर्देश इसी मार्च में दिया गया। डीएम की नोटिस का जवाब दिया जा रहा है।
-शिवचंद राम, डीआईओएस