देवरिया। तहसील गेट पर व्यापारी विद्याभास्कर की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी आलम रविवार की सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसको संरक्षण देने वाले सोहराब को भी पुलिस ने धर दबोचा। एक अन्य आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आलम ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और दो कारतूस बरामद कराया। एसपी ने आलम को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम दिया है।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में मामलेे का पर्दाफाश करते हुए एसपी राजीव मल्होत्रा ने कहा कि आठ जुलाई की रात नौ बजे तहसील गेट पर फोटो कापी की दुकान चलाने वाले विद्याभास्कर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पूर्व गोरखपुर ओवरब्रिज के पास अरविंद विश्वकर्मा को गोली मारा था। एक अन्य के भी हत्या की योजना थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने इस मामले में अबूबकरनगर के आलम के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस के लिए यह घटना चुनौती बन गई थी। एएसपी चिरंजीव नाथ सिंहा के निर्देशन और सीओ सिटी डॉ. अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आलम और उसके साथियों की खोज में लगी थी।
रविवार की सुबह पांच बजे सदर कोतवाल नीतीश कुमार श्रीवास्तव, एसआई जटाशंकर, एमपी सिंह और अन्य के साथ गौरा पेट्रोल पंप के पास से आलम को गिरफ्तार कर लिया। वह नेपाल भागने की फिराक में था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रेलवे मालगोदाम से झाड़ियों में छिपाकर रखा गया, पिस्टल और दो कारतूस बरामद किया। पुलिस ने उसको संरक्षण देने के आरोप में रामपुर कारखाना के शाहपुर बेलवा निवासी सोहराब अंसारी उर्फ सोहन को भी गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त बाइक को शहर के एक घर से बरामद किया गया। इस दौरान एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा, सीओ सिटी डॉ. अजय कुुमार सिंह, आरक्षी विजय सिंह, सत्यप्रकाश, जाविर, शिवकुमार, स्वाट टीम प्रभारी एसआई अनिल यादव, सर्विलांस सेल के आरक्षी राहुल सिंह, मिलेश सिंह, धनंजय श्रीवास्तव और अरुण खरवार मौजूद रहे।