देवरिया। बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने एक और कवायद की है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) से ई-प्रिजन और ई-कोर्ट एप को लिंक कर दिया गया है। अब एक क्लिक पर पुलिस बदमाशों का ब्योरा देख सकेगी। किसी भी थाने में उस पर दर्ज मुकदमा और उस पर होने वाली विधिक, अभियोजन, कारागार व कोर्ट से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेगी।
प्रदेश में इंटर ऑपरेबिल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के तहत ई-प्रिजन और ई-कोर्ट एप को सीसीटीएनएस से लिंक किया गया है। इसके साथ ही ई-प्रासिक्यूशन एप भी लांच हुआ है। सीसीटीएनएस प्रदेश के सभी थानों में पहले से ही प्रभावी है। इस पर अपराध और बदमाशों से जुड़ी एक-एक सूचनाओं को अपलोड किया जाता है। यह डाटा कभी भी कहीं से प्राप्त किया जा सकता है। इसी क्रम में थाने से ही अभियोजन संबंधित सूचनाएं विधिक राय, दोष सिद्ध व दोष मुक्ति रिपोर्ट भी ई-प्रासिक्यूशन व्यवस्था लागू होने के बाद आसानी से मिल जा रही है। इस बाबत जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि प्रदेश के सभी थानों को ई-प्रिजन से जोड़ दिया गया है। ई-कोर्ट से भी जुड़ गया है। इससे बदमाशों से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल जाएगी और पुलिस बदमाशों की निगरानी भी कर सकेगी।
ई-प्रिजन के सीसीटीएनएस के लिंक होने से मिल रही सूचनाएं
* कैदी की व्यक्तिगत जानकारी जैसे जन्मतिथि, पहचान चिह्ल, धर्म, राष्ट्रीयता, शिक्षा, फोन नंबर, पिता-माता, पति, पत्नी का नाम, फोटो।
* कैदी व बंदी की स्थायी व अस्थायी पता।
* अपराध की जानकारी, एफआईआर का नंबर व धाराएं।
* संबंधित कोर्ट का नाम, कोर्ट से रिहाई की स्थिति व तिथि।
* बंदी से जुड़े आपराधिक मामलों की संख्या व स्थिति।
ई-कोर्ट के सीसीटीएनएस के लिंक होने से हासिल हो रही यह जानकारी
* आपराधिक मामले का प्रकार।
* थाने का नाम, प्रथम सूचना रिपोर्ट का विवरण।
* आपराधिक मामले से संबंधित वादी, प्रतिवादी, धारा व अधिनियम का ब्योरा।
* न्यायालय का नाम, सुनवाई से जुड़ी तारीखों का विवरण।