सलेमपुर। बंधन बैंक के माइक्रो बैंकिंग शाखा सलेमपुर में 24 लाख रुपये गबन का मामला प्रकाश में आया है। 45 ग्राहकों के फर्जी आईडी पर वर्करों ने रुपये का गोलमाल किया। कंपनी अफसरों की जांच में तीन वर्करों का शामिल होना पाया गया है। इससे बैंकिंग शाखा से जुड़े वर्करों में खलबली मच गई है। बैंककर्मी ने इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस छानबीन में जुट गई है।
नगर में बंधन बैंक की माइक्रो बैंकिंग शाखा संचालित होता है। इसके वर्कर गांवों में महिलाओं का समूह बनाकर ऋण मुहैया कराते हैं जो किस्त के हिसाब महिलाएं भरपाई करती हैं। आरोप है कि सलेमपुर क्षेत्र के कई गांवों की करीब 45 महिलाओं के नाम पर माइक्रो बैंकिंग के तीन वर्कर करीब 24 लाख रुपये निकाल लिए हैं। इसकी जानकारी उन महिलाओं को नहीं है।
12 फरवरी को छुट्टी पर गए तीनों कर्मचारी जब नहीं लौटे तो बैंक कर्मचारी फील्ड में पहुंचे और समूह से जुड़ी महिलाओं से संपर्क करना शुरू किया। इस दौरान मालूम हुआ कि महिलाओं ने जो ऋण लिया था, उसे जमा कर दिया है। दोबारा कोई ऋण नहीं लिया है। यह सुन बैंक कर्मचारी दंग रह गए। अफसरों की जांच में 24 लाख का गबन करने का मामला सामने आया।
रकम गोलमाल करने वाले दो वर्कर सलेमपुर में तैनात थे और एक महिला वर्कर की तैनाती कुशीनगर में थी। इसमें दो वर्कर गोरखपुर और एक मऊ का रहने वाला है। माइक्रो बैंकिंग के कलस्टर टीम के मेंबर कृष्णा प्रसाद ने पुलिस को नामजद तहरीर देकर वर्करों पर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल रफीक अहमद ने बताया कि तहरीर मिली है। तथ्यों के आधार पर छानबीन हो रही है।