कंचनपुर/गौरीबाजार में गुरुवार की रात तरकुलवा इलाके के मिश्रौली गांव में झोपड़ी में आग लग गई।
आग बुझाने के चक्कर में चार लोग झुलस गए। उपचार के दौरान महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। जबकि पोखरभिंडा गांव में आग से 10 झोपड़ियां जल गई। आग पर काबू पाने के दौरान तीन लोग झुलस गए।
गौरीबाजार के पाननकुंडा गांव में आग से छह लोगों के घर जल गए।
मिश्रौली निवासी रामबली के घर के पास घूरे की चिन्गारी से आग लग गई। आग बृजलाल, जगलाल, फूलबदन, दीनदयाल की झोपड़ी तक फैल गई। झोपड़ियां जलने लगीं। गांव के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की।
रामबली आग बुझाने के दौरान गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। जबकि आग बुझाने में झुलसी लीलावती पत्नी रामअवध की मौत हो गई। कुछ लोगों का कहना था कि वह ज्यादा झुलसी नहीं थी लेकिन सदमे से मौत हुई। सभी घरों के सामान जल गए। उधर, शुक्रवार की दोपहर पोखरभिंडा गांव में शिवनाथ की झोपड़ी में आग लग गई।
आग से रघुनाथ, अमरूद्दीन, नजरूद्दीन, मुसरिम, होसिलदार, श्यामलाल, अजीज, जमाल, रफाउल का घर तबाह हो गया। अमरूद्दीन, जमाल और रफाउल आग बुझाने के चक्कर में झुलस गए। अमरूद्दीन की भैंस और बकरी जल कर मर गई। लोगों के अनुसार आग से काफी नुकसान हुआ है।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनवर ने लोगों की आर्थिक मदद दी।
गौरीबाजार थानाक्षेत्र के पाननकुंडा गांव में शुक्रवार की दोपहर सुरेन्द्र निषाद की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। आग गांव के अशोक, राजेन्द्र, परमहंस, राजकिशोर, बृजकिशोर, शीला यादव, हरिवंश की झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
सभी की संपत्ति जलकर राख हो गई। गांव के लोगों ने आग पर काबू पाया। सूचना पर हलका लेखपाल ब्रजेश श्रीवास्तव और प्रधान काजू जायसवाल ने आग से हुए नुकसान का जायजा लिया।