फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामूहिक विवाह में गिरिजा ने कराई थी बेमेल शादियां

विज्ञापन
Deoria Shelter Home
विज्ञापन
देवरिया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बेमेल कराई गई शादी की जांच भी अब एसआईटी ने शुरू कर दी है। शनिवार को एसआईटी गिरिजा त्रिपाठी के रजला वृद्धा आश्रम पर पहुंची और सील तोड़कर कार्यालय में रखे कागजातों को घंटों खंगाला। साथ में सदर एसडीएम और जिला समाज कल्याण अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

समाज कल्याण विभाग की ओर से सामूहिक विवाह योजना के तहत 200 से अधिक जोड़ों की शादी कराई गई थी। पुलिस और जिले के समाजसेवियों का भी इसमें काफी सहयोग रहा था। गिरिजा त्रिपाठी की संस्था की इसमें अहम भूमिका रही थी। बालिका गृह कांड की जांच में जुटी एसआईटी को इन शादियों में भी कई अनियमितताएं मिली हैं। अब तक ही जांच में बेमेल शादियों के करीब सात मामले सामने आए हैं। एसआईटी के मुताबिक शादियों के बदले मोटी रकम भी वसूली गई है।
गिरिजा की संस्था में कार्य कर रही एक लड़की की शादी बरहज निवासी दोगुने उम्र के दिव्यांग से कराई गई है। इसके अलावा बिहार के कम उम्र की लड़कियों को भी लाकर अधिक उम्र के लोगों से शादी कराई गई। सीजेएम कोर्ट से अनुमति के बाद एसआईटी शनिवार को रजला स्थित वृद्धाश्रम पहुंची। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वृद्धाश्रम की सील तोड़कर कार्यालय में रखे अभिलेख को खंगाला गया, लेकिन जिन कागजात की तलाश एसआईटी को थी वह नहीं मिल पाए। यहां से टीम ने कुछ फाइल अपने कब्जे में ले ली हैं। इस दौरान गिरिजा की संस्था में कार्य करने वाले चंद्रप्रकाश और प्रमिला भी मौजूद रहे। छानबीन में सदर एसडीएम रामकेश यादव, समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, एसआईटी के विवेचक बृजेश यादव, सरिता नागवंशी, किरण मिश्रा, आशुतोष सिंह, अजय सिंह शामिल रहे। एसडीएम रामकेश यादव ने बताया कि जरूरी कागजात के लिए वृद्धाश्रम की सील खोली गई थी।
विज्ञापन


कराई गई वीडियोग्राफी
वृद्धा आश्रम पर पहुंची एसआईटी ने सील तोड़ने से लेकर अभिलेख खंगालने तक हर गतिविधि की वीडियोग्राफी कराई। करीब एक घंटे तक टीम वहां जमी रही। इसके अलावा एसआईटी की महिला दरोगा ने भी अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया।

पुलिस को बचाने की कोशिश में एसआईटी
बाल गृह बालिका की मान्यता स्थगित होने के बाद तत्कालीन डीएम ने एसपी को पत्र जारी कर बरामद होने वाली बालिकाओं व युवतियों को गोरखपुर या बलिया बालिका गृह में रखने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद थानेदार बालिका गृह में लड़कियों को लाकर रखते थे। ऐसे लापरवाह एसओ चिह्नित भी किए गए और उन्हें नोटिस भी जारी हुआ। विभागीय मामला होने के कारण एसआईटी पुलिस को बचाने की कोशिश में लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें